पाकिस्तान में छिपा बैठा आतंकी कासिम, मूल रूप से रियासी का निवासी
व्हाट्सएप के जरिए जोड़ा, कट्टरवाद का पाठ पढ़ायापुलिस जांच में पता चला कि पाकिस्तान में बैठा मोहम्मद कासिम भी मूल रूप से रियासी का रहने वाला है। कासिम 2002 में आतंकी संगठन लश्कर में शामिल हो गया, लेकिन इसी वर्ष पाकिस्तान भाग गया।
पाकिस्तान भाग जाने के बाद वह लगातार राजोरी, पुंछ और रियासी में आतंकवाद को दोबारा जिंदा करने का प्रयास करता रहा। क्योंकि ये इलाके वर्ष 2010 से लेकर 2022 तक शांत रहे। कासिम इन इलाकों में मारे गए आतंकियों के परिजनों से व्हाट्सएप और इंटरनेट काॅलिंग के जरिए संपर्क करता रहा। इसी दौरान उसने अपने साथ काम करने वाले मारे गए आतंकी जफर के भाई इकबाल को जोड़ लिया।
सीमा पार से तीन बार भेजी गई हथियारों और नकदी की खेप
तीन खेप हासिल कींजांच में यह भी सामने आया कि आरोपी जफर को कासिम ने सीमा पार से हथियारों और नकदी की तीन खेप भेजीं। पहली खेप राजोरी जिले के कालाकोट वन क्षेत्र में 2022 में भेजी। इसमें 30 हजार नकदी और एक ग्रेनेड था। दूसरी खेप राजोरी के चिंगस वन क्षेत्र से तीन लाख रुपये, दो ग्लॉक पिस्टल, चार मैगजीन हासिल थीं। यह सब जफर ने अंगराला में ही एक जगह छुपा दिया। तीन लाख में से जफर ने एक लाख की एफडी पत्नी शबनम के नाम बैंक में करा दी। इसका पता होने के बावजूद शबनम ने पति को साथ दिया।