शक्ति उघोष फाउंडेशन ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक शानदार और प्रभावशाली पहल का उद्घाटन किया। इस पहल के तहत 1 मार्च से 4 मार्च तक एक महिला बाइकर्स की टोली कठुआ से पुंछ सीमा तक 800 किलोमीटर की यात्रा पर निकलेगी जिसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे की लत और तस्करी के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य 'नशा मुक्त सीमाएं' के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
यात्रा का थीम नशे के खिलाफ कार्रवाई करना और हमारे युवाओं की रक्षा करना है। शक्ति उघोष फाउंडेशन इस अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए पूरी तरह तयार है। विशेष रूप से उन सीमावर्ती क्षेत्रों में जहां अवैध नशा व्यापार युवा पीढ़ी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर संकट आज कल सामने आ रहे है।
शक्ति उघोष फाउंडेशन की संस्थापक, प्रीति चौधरी ने कहा 'हम जम्मू-कश्मीर के भविष्य, खासकर हमारे युवाओं की रक्षा के लिए कदम उठा रहे हैं। यह यात्रा सिर्फ एक स्थान पर पहुंचने का नहीं, बल्कि लोगों के दिलों और दिमागों तक पहुंचने और नशे की तस्करी के खिलाफ एक सामूहिक आवाज उठाने का है।
इस रैली में देशभर से महिला बाइकर्स, जैसे कि चेन्नई, विजयवाड़ा, पंजाब और अन्य राज्यों से, स्थानीय बाइकर्स के साथ मिलकर इस मिशन में भाग लेंगी। यह यात्रा एक मजबूत एकता और संकल्प का प्रतीक बनेगी जो नशे के खिलाफ लड़ाई और सीमा क्षेत्र में अवैध तस्करी को समाप्त करने के लिए किया जा रहा है।
शक्ति उघोष फाउंडेशन ने यह यात्रा महिला सशक्तिकरण और समाज के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। यह यात्रा जम्मू-कश्मीर के कुछ सबसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जिससे इसका प्रभाव और भी गहरा होगा। यात्रा के दौरान प्रतिभागी प्रत्येक पड़ाव पर स्थानीय लोगों से मिलकर नशे मुक्त भविष्य का संदेश फैलाएंगे और समुदाय को अवैध गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की अपील करेंगे। इस पहल में ऐक्शन एड जम्मू-कश्मीर चैप्टर भी सहयोग कर रहा है, और शक्ति उघोष फाउंडेशन समाज में नशा मुक्त वातावरण बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है।