एक ओर जहां लोग बेटी को पराया धन मानते हैं, वहीं जम्मू-कश्मीर की लाडली के कारनामों पर परिवार ही नहीं, पूरी रियासत को नाज है। जेएंडके पुलिस की इंस्पेक्टर शक्ति शर्मा अफगानिस्तान में आतंकियों के गढ़ में काम कर रही हैं। हर समय धमाकों की आवाज और कभी भी आतंकी हमले के खतरे से जूझना उसकी रोजमर्रा की जिंदगी बन गई है।
शक्ति पिछले कुछ वर्षों से संयुक्त राष्ट्र के पीस मिशन का हिस्सा बनी हुईं हैं। उसके सराहनीय कार्य को देखते हुए उसे ‘इंटरनेशनल फीमेल पुलिस पीस कीपर अवार्ड-2014’ से भी नवाजा गया। जो रियासत के लिए भी गौरव की बात है। खास बात यह है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद शक्ति ने पुलिस में नौकरी भी हासिल की, लेकिन उसकी इच्छाशक्ति यहीं समाप्त नहीं हुई।
मजालता ब्लाक के गांव पनाड़ा की गलियों में पली-बढ़ी एक साधारण युवती ने जब वर्ष 1996-97 में जेएंडके पुलिस ज्वाइन की तो गांव वालों को काफी आश्चर्य हुआ था, क्योंकि गांव की लड़कियां न तो ज्यादा पढ़ी लिखी होती थीं और न ही नौकरी पेशा।