बांदीपोरा में तीन साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कश्मीर के आईजी से अगली सुनवाई के दौरान शुक्रवार को स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने कहा है कि वह बताएं कि इस मामले की जांच के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए गए हैं।साथ ही बच्ची के इलाज की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा है। चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस ताछी रबस्टन वाली खंडपीठ ने बुधवार को यह आदेश दिया। इस मामले को लेकर कश्मीर में काफी बवाल हो रहा है। 8 मई को बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया था।
अदालत ने पूछा है कि यह भी बताएं कि पीड़ित बच्ची और उसके परिवार को सुरक्षा देने के लिए पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं। अगली तारीख पर पुलिस को इसकी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य एवं तकनीकी शिक्षा के सचिव को भी आदेश दिया गया है कि वह रिपोर्ट पेश करके बताएं कि बच्ची का मेडिकल, उसका इलाज और काउंसलिंग के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। स्टेट लीगल अथारिटी को भी आदेश जारी करते हुए कहा कि बताया जाए कि बच्ची के परिवार को कानूनी सहायता क्या दी जा रही है। यदि किसी बच्ची के साथ इस तरह की घटना होती है, तो उसको मुआवजे के तौर पर क्या दिया जा रहा है।
पहचान उजागर करने वालों पर कार्रवाई
कुछ मीडिया रिपोर्ट में बच्ची के नाम और पहचान भी बताई गई है। जिस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह बच्ची की प्राइवेसी के लिए अन्याय है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जरूरत बताई।