हुर्रियत (एम) के चेयरमैन मीरवाईज उमर फारूक ने जुमे की नमाज के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को रियासत के लोगों को लाल चौक इकट्ठा होकर पर पीएम मोदी से उनके दौरे के वक्त अपने "मन की बात" कहने की इजाजत देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम रेडियो पर इतने सालों से आपकी मन की बात सुन रहे हैं लेकिन अब जब आप कल यहां आरहे हैं तो लाल चौक पर शांतिपूर्वक हम कश्मीरियों को अपने मन की बात कहने की इजाजत दें। मीरवईज ने कहा कि इन तीन शब्दों से कश्मीर समस्या का समाधान हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या अच्छी सरकार और विकास की कमी के कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और रियासत की सरकार खुद को सबसे अच्छे लोकतंत्र होने का ड्रम बजाती है। लेकिन उनकी पहली परीक्षा कल है कि हम कश्मीरियों को लाल चौक पर शांतिपूर्वक तरीके से अपनी मन की बात पीएम मोदी के सामने रखने की इजाजत दी जाए।
उन्होंने कहा कि इन दोनों सरकारों के लिए दूसरा परीक्षण 21 मई को होगा जब हम ईदगाह से एक रैली करने की योजना बना रहे हैं ताकि शहीदों के मिशन को आगे बढ़ाने के प्रति वचनबद्ध किया जा सके।