डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित की हत्या मामले में कश्मीरी युवकों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक ने राज्य मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है। पहली बार अलगाववादी नेता किसी सरकारी कार्यालय में गुहार लगाने पहुंचे। मलिक ने सोमवार को आयोग के कार्यालय जाकर आयोग के अध्यक्ष जस्टिस बिलाल नाजकी से मुलाकात की।
उन्होंने आयोग के समक्ष दो याचिकाएं दाखिल करते हुए इसका गंभीर संज्ञान लेने का आग्रह किया। पहली याचिका में डीएसपी की हत्या मामले में दर्जनभर से अधिक युवाओं को गलत तरीके से गिरफ्तार किए जाने का जिक्र है। सेंट्रल जेल श्रीनगर में 15 ऐसे युवा मिले जिन्हें हत्या मामले में बंद किया गया है।
उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। दूसरी याचिका में दुख्तरान ए मिल्लत प्रमुख आसिया अंद्राबी तथा उसकी सहयोगी फहमीदा सोफी को लंबे समय से जम्मू के जेल में बंद किए जाने की बात है, जिसमें उसने मानवाधिकार उल्लंघन की बात कही है। उन्होंने पीएसए के तहत विभिन्न जेलों में बंद मामलों का भी संज्ञान लेने को कहा।