कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को दावा किया कि जम्मू-कश्मीर के युवा आगामी चुनाव में 'पीएम मोदी एंड कंपनी' को बाहर का रास्ता दिखाएंगे। उन्होंने कहा, मार्च में जम्मू-कश्मीर में युवा बेरोजगारी दर 28.2 प्रतिशत थी। सोशल मीडिया पोस्ट में खरगे ने दावा किया, परीक्षा पेपर लीक, रिश्वत और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के कारण पिछले चार सालों से विभागों में भर्ती में देरी से हो रही है। 2019 से जम्मू-कश्मीर में सरकारी विभागों के 65% पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 60,000 से अधिक सरकारी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी 15 वर्षों से अधिक समय से मेहनत कर रहे हैं और उन्हें प्रतिदिन मात्र 300 रुपये मिलते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि भले ही भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में उद्योग लगाने का वादा किया था, लेकिन केंद्र शासित प्रदेश में कोई बड़ी विनिर्माण इकाई नहीं है। 2021 में नई औद्योगिक नीति लागू होने के बावजूद, जमीन पर महज 3 प्रतिशत निवेश ही हो पाया है। प्रधानमंत्री विकास पैकेज (2015) के तहत 40% परियोजनाएं अभी भी लंबित हैं।
पीडीपी के पूर्व मुख्य प्रवक्ता सुहैल कांग्रेस में शामिल
पीडीपी के पूर्व प्रवक्ता सुहैल बुखारी रविवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने 20 अगस्त को पीडीपी से इस्तीफा दे दिया था। बुखारी वागूरा-क्रीरी क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उनकी उम्मीदवारी को नजरअंदाज किया।
अलगाववादी नेता सलीम गिलानी पीडीपी में शामिल
अलगाववादी नेता सैयद सलीम गिलानी रविवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) में शामिल हो गए। गिलानी ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की मौजूदगी में मीडिया से बातचीत में कहा कि मैं हमेशा दिवंगत मुफ्ती मोहम्मद सईद के दृष्टिकोण से प्रेरित रहा हूं। वे हमेशा कश्मीर मुद्दे के समाधान और जेलों में बंद लोगों की रिहाई के बारे में बात करते थे। उन्होंने कहा कि जब वह हुर्रियत का हिस्सा थे, तो उन्हें गर्व था और अब जब वह पीडीपी का हिस्सा हैं, तो उन्हें और भी गर्व महसूस होता है। गिलानी ने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए जनादेश प्राप्त करना उनका उद्देश्य नहीं है। मैं पीडीपी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाउंगा, क्योंकि मैं इसी विचारधारा में फिट बैठता हूं। गिलानी कई दशकों तक मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाली हुर्रियत (एम) का हिस्सा रहे हैं।