प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली के लिए सुरक्षा के ऐसे पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं कि परिंदे के लिए भी पर मारना आसान नहीं होगा। चूंकि उधमपुर में रैली स्थल के पास ही सेना की उत्तरी कमान का मुख्यालय भी है लिहाजा सुरक्षा व्यवस्था के क्रम में खास एहतियात बरती जा रही है। उधमपुर आतंकी हमलों के दृष्टिकोण से भी संवेदनशील रहा है।
नगरोटा में सैन्य शिविर पर कुछ महीने पहले ही आतंकी हमला हो चुका है और पाकिस्तानी आतंकी नावेद ने भी इस इलाके में ठिकाना बनाया था। लिहाजा सुरक्षा के तीसरे घेरे में सेना को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। एशिया की सबसे बड़ी टनल चिनैनी -नाशरी का उद्घाटन करने मोदी 2 अप्रैल को आने वाले हैं।
दौरे से चार दिन पहले से ही चिनैनी के जंगलों की ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी गई है। दो अप्रैल को भी रैली स्थल और उद्घाटन स्थल की निगरानी लगातार ड्रोन से होगी। उद्घाटन के लिए पीएम 5 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय करेंगे, लिहाजा वीरवार को ही इस दायरे को पूरी तरह सील कर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।