आरएस पुरा। सेक्टर में हमेशा ही पाकिस्तान की ओर से हथियारों सहित नशे की खेप भेजने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन हर बार इन मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाया। प्रधानमंत्री के जम्मू संभाग के पल्ली क्षेत्र में जनसभा किए जाने पर पाकिस्तान की ओर से आतंकियों ने सुंजवां में फिदायीन हमले का मौका रहते सुरक्षाबलों द्वारा नाकाम करने के साथ दो आतंकियों को मार गिराया।
बताया जा रहा है कि यह दोनों पाकिस्तान के नागरिक थे। किस प्रकार सीमा पार कर यह आतंकी भारतीय क्षेत्र में घुसे, इसकी जांच की जा रही है। आरएस पुरा व अरनिया सेक्टर में पहले पाकिस्तान क्षेत्र से भारतीय सीमा में ड्रोन भेजे जाने पर सीमा पर तैनात जवानों द्वारा की गई कार्रवाई के चलते अपनी नापाक हरकतों से बाज आता नहीं दिखता। अक्सर ही सीमा पार पाक की ओर से ताका-झांकी होती रहती है।
आरएस पुरा सेक्टर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर की गई तारबंदी होने के बावजूद कई बार घुसपैठ कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचे कई लोगों को पकड़ा गया है। गत वर्ष एक पाकिस्तानी नागरिक के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने पर सीमावर्ती गांव वासपुर में एक घर में घुसने पर एक महिला द्वारा देखे जाने पर पुलिस के हवाले ग्रामीणों द्वारा किया गया।
पुलिस द्वारा गहन पूछताछ करने पर उसने उक्त स्थान के बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि वह तारबंदी के नीचे से भारतीय क्षेत्र में आया था। यहां उसका सिगरेट का गिरा हुआ पैक्ट भी मिला था।
तारबंदी के साथ सटी निक्की तवी से कई बार पाक की ओर से घुसपैठ का प्रयास करने पर तैनात जवानों ने घुसपैठियों को मार गिराया गया। इसके बावजूद भी पाकिस्तान की ओर से उक्त स्थान से घुसपैठ का प्रयास किया जाता है। हो सकता है कि संजुवां में फिदायीन हमला करने वाले आतंकी इस रूट से निकले हों। प्रधानमंत्री की सभा के दौरान कोई बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश हो। खुफिया सूचनाओं के मुताबिक करीब 300 आतंकी हर वक्त सीमा पर घुसपैठ के लिए तैयार बैठे रहते हैं। इन दोनों आतंकियों के ढेर किए जाने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान की शह पर नए हमलों की साजिश रची जा सकती है।
आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान क्षेत्र में इस समय भी पाक क्षेत्र में चार लांचिंग पैड है यहां इन आतंकियों को रखा गया और मौका मिलने पर अकसर घुसपैठ का प्रयास पाक की ओर से कराया जाता है। पाकिस्तान क्षेत्र इकरामाबाद जो अखनूर व आरएस पुरा की एएमके पोस्ट के सामने है। दूसरा चुविया खरखोला पोस्ट के सामने, तीसरा पुतवाल सुग्राल पोस्ट व चौथा चपराड जो इसके साथ ही सटा हुआ है।