बैठक में माैजूद सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी।
- धर्मुंड सैन्य चौकी में समीक्षा बैठक कर संयुक्त अभियान चलाने की बनाई रणनीति
- वीडीजी के साथ पूर्व सैनिकों को भी थमाए जाएंगे हथियार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामबन। रामबन, डोडा और किश्तवाड़ में सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों व सुरक्षा एजेंसियों ने धर्मुंड सैन्य चौकी में समीक्षा बैठक की। इसमें तीनों जिलों में आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करने के लिए संयुक्त अभियान की योजना बनाई गई। ग्राम रक्षा गार्डों (वीडीजी) को मजबूत करने और पूर्व सैनिकों को हथियारबंद करने की योजना पर भी चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (डेल्टा) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) मेजर जनरल एपीएस बल ने की। क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, आतंकियों का नेटवर्क तोड़ने, सुरक्षा रणनीतियों व समन्वित प्रयासों पर चर्चा की गई। आतंकी मददगारों की जानकारी साझा की गई। इस पहल का उद्देश्य पूर्व सैनिकों की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर उन्हें आतंकवाद के खिलाफ अधिक प्रभावी बनाना और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच महत्वपूर्ण सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और खुफिया जानकारी साझा करने के प्रोटोकॉल की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सटीक और तेज सूचना तंत्र विकसित करने पर जोर दिया, जिससे किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्प्रभावी किया जा सके। सभी पक्षों ने सामूहिक प्रयासों के जरिए आतंकवादी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का संकल्प लिया। बैठक में आईजीपी जम्मू भीमसेन टूटी, आईजी सीआरपीएफ आर गोपाल कृष्ण राव, डीआईजी डीकेआर, सेक्टर कमांडर, तीनों जिलों के एसएसपी माैजूद रहे।