कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठन आतंकी कमांडर ढूंढने की कोशिश में जुट गए हैं। सुरक्षाबलों ने आपरेशन आउल आउट के तहत दो सालों के दौरान दो दर्जन आतंकी कमांडरों को ढेर दिया है। अब आतंकी संगठनों के पास इक्का दुक्का की कमांडर बचे हैं।
बुरहान वानी, अबू दुजाना, अबू इस्माइल, समीर टाइगर, नवीद जट, सब्जार अहमद भट, मन्नान वानी, बशीर लश्करी जैसे कई ऐसे नाम हैं। सूत्रों का कहना है कि कश्मीर में अब आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर ए तैइबा के पास कोई बड़ा आतंकी कमांडर नहीं है। सिर्फ एक रियाज नायकू और जीनत उल इस्लाम ही हैं।
जानकारी के अनुसार आतंकी संगठन कश्मीर में सक्रिय आतंकियों को कमांडर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। संगठनों के लिए यह मुश्किल हो रही है कि किसको कमांडर चुना जाए। क्योंकि कश्मीर में सक्रिय आतंकियों में वो दम नहीं है, जो पूर्व में रहे कमांडरों का था। सुरक्षाबलों के करारे प्रहार ने आतंकियों के हौसलों को पस्त कर दिया है। जिससे अब किसी में हिम्मत नहीं हो रही।
जम्मू कश्मीर के पूर्व डीजीपी एस पी वैद ने भी कहा था कि आतंकी संगठनों के पास कमांडर नहीं है। उन्हें कमांडर ही नहीं मिल रहे।