पुंछ के भाटादूड़ियां में आतंकी हमले के 16वें दिन शुक्रवार को भी सुरक्षाबलों ने भाटादूड़ियां, नाढ़खास, संगेयोट और तोता गली के जंगलों में दिन भर तलाशी अभियान जारी रखा। सेना, पुलिस, एसओजी, सीआरपीएफ के कमांडो भी सर्च ऑपरेशन में जुटे रहे। इस दौरान आतंकियों की तलाश में जंगली इलाको और नालों को खंगाला गया।
सेना की उत्तरी कमान के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किश्तवाड़ और राजोरी का शुक्रवार को दौरा किया। यहां उन्होंने रिमोट ऑपरेटिंग बेस (आरओबी) का दौरा किया और सुरक्षा स्थिति और सैनिकों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की।
पुंछ के भाटादूड़िया में 20 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद सैनिकों की अभियानगत तैयारियों की समीक्षा के लिए लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी का राजोरी सेक्टर का यह दूसरा दौरा है। इसके पहले वह राजोरी में 26 अप्रैल और 22 अप्रैल को भाटादूडि़या हमला स्थल पर पहुंचे थे।
ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा करने के अलावा उन्होंने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और क्षेत्र पर हावी होने के निरंतर प्रयासों के लिए सैनिकों की सराहना की।
जम्मू-कश्मीर में जी20 बैठकें होने जा रही हैं। आतंकी संगठन हर हाल में इनमें खलल डालने की नापाक कोशिशें कर रहे हैं। भाटादूड़ियां हमले के बाद ही लगातार इनपुट आ रहे थे कि आतंकी राजोरी-पुंछ में फिर से हमला कर सकते हैं। आतंकियों की सक्रियता लगातार सामने आ रही थी।
बावजूद इसके आतंकियों से सामना करते हुए पांच जवानों की शहादत और एक भी आतंकी न मारा जाना एक बड़ा नुकसान और चूक है। जबकि सेना की नई रणनीति कहती है कि अपना कम नुकसान हो और अधिक से अधिक आतंकी मारे जाएं, लेकिन इसके विपरीत हो रहा है।