रियासी में मशहूर गायिका को घर पर निगरानी में रखा गया है। वह हाल ही में युगांडा की यात्रा कर लौटी है। इसके अलावा सऊदी अरब से लौटे माहौर के छह नागरिकों को रियासी जिला मुख्यालय के सरकारी डाक बंगले में निगरानी में रखा गया है।
केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में कोरोना से बचाव प्रबंधों के नोडल अफसर डॉ. शफकत खान को निलंबित कर दिया गया है। सामान्य प्रशासनिक विभाग की ओर से जारी आदेश में निलंबन की वजह आचरण की लंबित जांच बताया गया है। सूत्रों के अनुसार ड्यूटी के दौरान लापरवाही भी निलंबन का कारण बताया जा रहा है।
डॉ. खान को कोरोना का दायरा बढ़ने पर इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के निदेशक डॉ. भूपेंद्र कुमार नोडल अफसर का काम देख रहे हैं। निलंबन अवधि में डॉ. खान जिला उपायुक्त कठुआ/मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कठुआ के कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।
केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के मैदान इलाकों में तीन दिन से जारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को कई हिस्सों में ओलावृष्टि भी हुई और शाम को तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
इस बीच रामबन और बनिहाल के बीच कई हिस्सों में पत्थर गिरने से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा। आवाजाही रोके जाने से करीब तीन हजार वाहन राजमार्ग पर अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं। अकेले रामबन में ही 800 वाहन रोके गए हैं।
जम्मू में शुक्रवार दोपहर तक मौसम साफ रहा लेकिन शाम को बादलों की गड़गड़ाहट और काली घटाओं के साथ मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ कई जगह पेड़ गिर गए। झमाझम बारिश के साथ कई स्थानों पर ओले गिरे। इससे शहर और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। कटड़ा में भी शाम को बारिश हुई।
उधमपुर के नत्थाटॉप और पटनीटॉप और कठुआ के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। कठुआ के मैदानी इलाकों में बारिश के साथ ओले भी गिरे। जिले बसोहली में बारिश के बीच रंजीत सागर झील में पीएचई का बेड़ा डूब गया है। इस दौरान कश्मीर में मौसम साफ रहा लेकिन सुबह-सुबह पर्वतीय इलाकों में हुई बर्फबारी से सफेद चादर बिछ गई। गुलमर्ग के अलावा सोनमर्ग, कुपवाड़ा और जोजीला आदि में बर्फबारी हुई है।