जम्मू। जम्मू एयरपोर्ट से 210 किमी की दूरी पर स्थित किश्तवाड़ जिले में जम्मू संभाग का दूसरा हवाई अड्डा बनेगा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी उड़ान (उड़े देश के आम नागरिक) योजना के तहत यह हवाई अड्डा बनाया जाएगा। 2018 से लंबित इस योजना के मूर्त रूप लेने से आम लोगों को सुविधा मिलने के अलावा सामरिक दृष्टि से भी लाभ होगा। किश्तवाड़ जिला लद्दाख सीमा से सटा है। सोमवार को उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में ब्रिगेडियर विक्रम भान, कमांडर 9 सेक्टर आरआर और एस कटोच, आयुक्त नागरिक उड्डयन ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
इस दौरान उप-राज्यपाल ने कहा कि हवाई अड्डे के निर्माण से क्षेत्र के लोगों के साथ सैन्य कर्मियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। सर्दी के मौसम में सड़क मार्ग बंद होने पर हवाई सफर लोगों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि भूमि और सुरक्षा से जुड़े विषयों के कारण 2018 से योजना अटकी पड़ी थी। किश्तवाड़ में वर्तमान में मौजूद सेना की हवाई पट्टी को विकसित कर हवाई अड्डा बनाया जाएगा। गौरतलब है कि तीन वर्ष पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किश्तवाड़ में हवाई अड्डा विकसित करने के लिए पहल शुरू की थी। किश्तवाड़ में मौजूदा हेलीकॉप्टर पट्टी विकसित कर उसे विमान की लैंडिंग के लिए तैयार किया जाएगा। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए डॉ. सिंह ने पिछले कुछ महीने से नई दिल्ली में रक्षा अधिकारियों और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच बैठकों की शृंखला आयोजित की थी। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि किश्तवाड़ में हवाई अड्डा बनने से सुगम यात्रा के साथ स्थानीय पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
उधमपुर एयरफोर्स स्टेशन में भी नागरिक उड्डयन प्रस्ताव
उधमपुर एयरफोर्स स्टेशन पर भी नागरिक उड्डयन सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि उन्होंने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और डिफेंस अथॉरिटी को प्रस्ताव दिया है कि उधमपुर के एयरपोर्ट को भी नागरिक उपयोग के लिए अनुमति दी जाए। इसमें उचित मार्ग पर बातचीत के बाद उधमपुर में एक नागरिक विमान को भी उतारना संभव हो सकेगा।
क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास बढ़ेगा
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि हवाई पट्टी क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए एक कड़ी सुरक्षा देने के अलावा, सर्दियों और गंभीर परिस्थितियों में, रक्षा कर्मियों और नागरिकों दोनों को लाभान्वित करेगी। मुख्य रूप से हवाई पट्टी के संचालन की समस्या 2018 से लंबित थी, जिसे अब दूर कर लिया है। इस योजना से क्षेत्र के दो लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।