पीडीपी नेता के परिवार को बंधक बनाकर पीएसओ से हथियार लूटने वाले आतंकियों की बड़े पैमाने पर तलाश की जा रही है। जिले में लगाया गया दिन का कर्फ्यू हटा लिया गया है। दूसरे दिन सभी स्कूल-कालेज बंद रहे। इलाके में तैनात अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों को शहर में प्रवेश और निकास द्वार पर तैनात किया गया है। हर आने और बाहर जाने वाले वाहनों की पूरी तरह से जांच की जा रही है।
पीडीपी के जिला प्रधान एडवोकेट नासिर हुसैन शेख को बंधक बनाकर आतंकियों ने शुक्रवार को उनके अंगरक्षक की इंसास राइफल लूट ली थी। रात भर बंधक बनाने के बाद हथियारबंद तीन आतंकी पीडीपी नेता के भाई की कार लेकर भाग निकले। इस कार को शहर से लगभग नौ किमी दूर डूल गांव से बरामद कर लिया गया है। घटना के बाद बिगड़ती कानून व्यवस्था और लोगों के आक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया था। इसके चलते सभी दुकानों और स्कूल स्कूल बंद हो गए थे।
डीसी अंग्रेज सिंह राणा ने बताया कि शनिवार सुबह जिले में लगाया गया कर्फ्यू हटा लिया गया है। एहतियात के तौर पर शहर के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखा गया है। उन्होंने बताया कि रात का कर्फ्यू अगले आदेश तक जारी रहेगा। आतंकवादियों को पकड़ने के लिए इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। डीसी के मुताबिक पुलिस विभिन्न लीडों पर काम कर रही है। अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
10 महीने में कई आतंकी हमले हुए
एक दशक पहले आतंकवाद मुक्त घोषित पहाड़ी जिले में पिछले 10 महीनों में कई आतंकी हमले और हथियार छीनने की घटनाएं हुई हैं। आतंकवादियों ने 8 मार्च को डिप्टी कमिश्नर के पीएसओ दलीप कुमार से राइफल छीन ली थी। इसके बाद 9 अप्रैल को जिला अस्पताल में आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा और उनके पीएसओ की हत्या कर उनका हथियार लूट ले गए थे। पिछले साल एक नवंबर को आतंकवादियों ने किश्तवाड़ शहर में भाजपा नेता अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हालांकि सुरक्षा बलों ने बड़े आपरेशन को अंजाम देते हुए 24 जुलाई को डोडा से लश्कर-ए-ताइबा के स्थानीय आतंकवादी जमालउद्दीन गुर्जर उर्फ अबू बकर को गिरफ्तार कर लिया था। वह एक साल से इलाके में सक्रिय था। उस पर 5 लाख रुपये का इनाम था।