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कश्मीरी आतंकियों के खालिस्तान समर्थकों से कनेक्शन की तलाश

Sat, 13 Jun 2020 07:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा बृजेश कुमार सिंह, जम्मू

सार

  • लश्कर आतंकियों की पठानकोट में गिरफ्तारी के बाद गठजोड़ को खंगालने की प्रक्रिया शुरू
  • घाटी के आतंकियों की पंजाब में हैं गहरी जडें, जम्मू-कश्मीर पुलिस जांच को पंजाब पहुंची
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Shutterstock
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विस्तार
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पठानकोट में लश्कर-ए-ताइबा के दो कश्मीरी आतंकियों के बृहस्पतिवार को पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब खालिस्तान समर्थकों से कनेक्शन तलाशने में जुट गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान की आईएसआई की शह पर घाटी से लेकर पंजाब तक कश्मीरी आतंकियों का नेटवर्क फैला हो सकता है। 

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एलओसी पर सख्ती बढ़ने के बाद अब आईएसआई घाटी में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पंजाब बार्डर से हथियारों की तस्करी कर रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक टीम ने पंजाब पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है। पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ भी की जा रही है।

खुफिया सूत्रों ने बताया कि हाल की कई घटनाओं के तार पंजाब से जुड़े हैं। इससे यह आशंका बलवती हुई है कि पाकिस्तान पंजाब के जरिये घाटी के आतंकियों को टेरर फंडिंग करने के साथ ही हथियारों व गोला बारूद की आपूर्ति कर रहा है। इसमें खालिस्तान समर्थकों का भी पाकिस्तान सहयोग ले रहा है। घाटी के आतंकियों की पंजाब में गहरी जड़े हैं। 
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कश्मीर घाटी में पिछले सप्ताह वायरल एक ऑडियो में भी आतंकियों ने खालिस्तान समर्थकों के साथ होने की बात कही थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए कश्मीरी आतंकियों ने पूछताछ में पंजाब पुलिस के समक्ष जो खुलासे किए हैं वह काफी चौंकाने वाले हैं। 

हिजबुल व लश्कर आतंकियों को पंजाब लाने व ले जाने, हवाला के जरिये टेरर फंडिंग के लिए पैसे वसूलने की घटनाओं के उजागर होने के बाद यह आशंका भी बलवती हुई है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का पंजाब नया ठिकाना बनने लगा है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम को पूछताछ में मिली लीड के आधार पर घाटी में कार्रवाई की जाएगी।

होल बॉडी स्कैनर न होने से पूरा रूट आतंकियों के लिए है मुफीद
पंजाब से कश्मीर तक हाईवे का रूट हथियारों की तस्करी और आतंकियों को कश्मीर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए इस वजह से भी मुफीद है कि क्योंकि पूरे रास्ते में कहीं भी ट्रकों की जांच के लिए होल बॉडी स्कैनर नहीं लगा है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर में पहले भी कई बार ट्रकों से हथियारों का जखीरा बरामद किया जा चुका है। दो बार जम्मू के झज्जर कोटली व नगरोटा इलाके में ट्रक में छिपकर घाटी जा रहे आतंकियों को भी मुठभेड़ में मारा जा चुका है।

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