जम्मू। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को लोक प्रशासन 2020 में उत्कृष्टता के लिए पीएम पुरस्कार की नई संशोधित योजना और वेब पोर्टल की शुरूआत की। इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य व केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिक भागीदारी के शासन मॉडल के अनुरूप योजना के बदलाव के साथ शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ जिला उपायुक्तों का योगदान भी असाधारण रहा है। प्रधानमंत्री पुरस्कार योजना में संशोधन इसलिए किया गया है कि ताकि आर्थिक विकास, लोगों की भागीदारी और जन शिकायतों के निवारण की दिशा में जिला उपायुक्तों के काम को पहचान दिलाई जा सके। पुरस्कारों के लिए एक अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2020 तक की अवधि के दौरान किए गए कार्यों पर विचार किया जाएगा। 2020 में योजना के तहत कुल 25 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार का मंत्र नागरिकों की भागीदारी और नागरिकों को शासन के केंद्र में रखे बिना अधूरा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही इसकी जुड़वा पहचान है। उन्होंने कहा कि भारत का शासन मॉडल प्रमुख योजनाओं में जन भागीदारी के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान के साथ लोगों के जुड़ते जाने से एक जन आंदोलन बन गया है। 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से शौचालय बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस घोषणा के कुछ ही हफ्तो में शौचालय निर्माण एक जन आंदोलन बन गया और भारत ने दो अक्तूबर 2019 को ओडीएफ का दर्जा हासिल कर लिया। इसके अलावा डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक अन्य कार्यक्रम में तीन दिवसीय मधुमेह 2020 वर्चुअल सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहा कि कोरोना काल मे मधुमेह रोगियों के लिए कड़ाई से शूगर कंट्रोल की जरूरत है।