बिहार के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जम्मू कश्मीर के 13वें राज्यपाल के तौर पर उठाई शपथ। शपथ ग्रहण समारोह में राजनेताओं सहित नौकरशाह व सुरक्षा एजेंसीज के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। राजनेताओं ने नए राज्यपाल की नियुक्ति पर जताई उम्मीद। सत्यपाल मलिक ने गुरुवार को 13वें जम्मू-कश्मीर राज्यपाल के रूप में शपथ ली। उन्हें जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने श्रीनगर के राज भवन में एक समारोह के दौरान शपथ ग्रहण करवाई।
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और मेहबूबा मुफ्ती के अलावा करीब 400 से अधिक अतिथि उपस्थित रहे। सिविल एडमिनिसट्रेशन, पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, जम्मू कश्मीर पुलिस और सेना के अलावा अन्य सुरक्षा एजेंसीज के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान उपस्थित रहे। गौरतलब है कि मलिक अब नरेंद्र नाथ वोहरा की जगह पर नियुक्त किये गए हैं। वोहरा को जम्मू-कश्मीर के गवर्नर के रूप में 10 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद दो महीने का एक्सटेंशन दिया गया था। बता दें कि वोहरा करण सिंह के बाद सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले गवर्नरों में से एक थे, जिन्होंने लगभग 15 वर्षों तक पद संभाला-पहले 'सदर-ए-रियासत' और फिर 1950 और 1960 के दशक में गवर्नर के रूप में।
डॉ. फारूक अब्दुल्ला (नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री)
हर एक को उम्मीद होती है। अल्लाह करे कि ये उन उम्मीदों पर खरा उतरें। यहां अमन आये, हम लोग तरक्की करें और आगे बढ़ें। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा मैं सांसद होने के नाते उन्हें एयरपोर्ट रिसीव करने गया और सांसद होने के नाते आप मुझसे मेरे इस अधिकार को नहीं छीन सकते।
रफी मीर (चीफ स्पोक्समैन, पीडीपी)
वोहरा साहब ने भी अविवादित अपना दौर यहां गुजारा और जो अब यह नए राज्यपाल नियुक्त हुए हैं इनका हमने टीवी पर बयान सुना जोकि हौंसलाअफजा बयान था और वह खुद राजनीती से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा है कि मैं मिलजुल के लोगों को समझना चाहता हूं। उम्मीद यह है कि वेह लोगों के दर्द को समझेंगे और उसकी सुनवाई करेंगे।
चन्नी सिंह कांग्रेस (सीनियर कांग्रेस नेता)
गवर्नर इंस्टिट्यूशन हर राज्य के लिए महत्वपूर्ण होता है और उनकी नियुक्त के साथ हम उम्मीद रखते हैं कि वेह बेहतर साबित होंगे। इनका राजनीतिक बैकग्राउंड है और वह जम्मू कश्मीर को किस नजरिये से देखेंगे यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
कविंदर गुप्ता (पूर्व उपमुख्यमंत्री व भाजपा सीनियर नेता)
नए राज्यपाल इससे पहले भी राज्यपाल रह चुके हैं, अलग अलग जगहों पर काम किया है। निश्चय ही इस चीज से उनको काफी फायेदा होगा।
अल्ताफ ठाकुर (भाजपा प्रवक्ता)
यह बहुत अनुभवी आदमी हैं। खास बात तो यह है कि वह एक सियासी प्लेटफार्म से आये हैं उनकी पूरे हालातों पर नजर है। और हम यह उम्मीद करेंगे कि यहां के जो हालात हैं उसको समझने में वो माहिर हैं। हम अपील करेंगे कि यहां की धार्मिक स्थलों से जो जिहाद और अन्य गलत चीजों की प्रेरणा की एक लहर शुरू हुई है उसपर नजर डालिए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।