श्रीनगर। पक्षी देखने वालों के एक समूह ने शनिवार को दावा किया कि उन्होंने कश्मीर के होकरसर वेटलैंड में 134 साल में पहली बार प्रवासी पक्षी सैंडरलिंग को देखा है। रेयान सोफी, मुफीक अहमद मलिक और मंसूर शायर ने गुरुवार को श्रीनगर के बाहरी इलाके में होकरसर वेटलैंड में सैंडरलिंग को देखा।
सोफी ने कहा, होकरसर में शाम के पक्षी देखने के दौरान, हमें कई तरह के पक्षी मिले। जब मेरे दोस्त दूसरे पक्षियों की तस्वीरें खींचने में व्यस्त थे, तो मैंने तुरंत उनका ध्यान एक खास प्रजाति की ओर आकर्षित किया, जिसे मैंने लिटिल स्टिंट से आकार में अंतर के कारण तुरंत पहचान लिया था।
यह पहली बार है, जब पिछले 134 सालों में कश्मीर में सैंडरलिंग को देखा गया है। साथ ही, यह पहली बार है जब पक्षी को कश्मीर में किसी तस्वीर में कैद किया गया है। उन्होंने प्रमाणीकरण के लिए दक्षिण एशियाई पक्षीविज्ञान के जर्नल इंडियन बर्ड्स को अपना रिकॉर्ड प्रस्तुत किया है।
मिलनसार पक्षी है सैंडरलिंग
सैंडरलिंग छोटे, मोटे सैंडपाइपर होते हैं, जिनकी लंबाई आमतौर पर 18 सेमी से 20 सेमी होती है और उनका वजन 40 ग्राम से 100 ग्राम के बीच होता है। वे खुले समुद्र तटों पर लहरों का पीछा करते हुए आगे-पीछे दौड़ने के अपने व्यवहार के लिए जाने जाते हैं, जबकि वे रेत में सक्रिय रूप से भोजन की तलाश करते हैं। वे उच्च आर्कटिक टुंड्रा में प्रजनन करते हैं और अंटार्कटिका को छोड़कर दुनिया भर के समुद्र तटों पर सर्दियों में रहते हैं। वे बहुत मिलनसार होते हैं, लेकिन प्रजनन के मौसम में घोंसला बनाते समय अकेले हो जाते हैं।