- अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में शहर में प्रबुद्ध नागरिकों ने दिए सुझाव, सौर ऊर्जा और अन्य विकल्प तैयार करने पर भी दिया जाेर
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। रसोई गैस की कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जाए। समाज को अफवाहों से बचना चाहिए। ये सुझाव रविवार को अमर उजाला कार्यालय में संवाद कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने दिए हैं। संवाद सत्र में गृहणियों, व्यापारियों और युवाओं ने शिरकत की। चर्चा का मुख्य केंद्र पिछले दिनों एलपीजी, पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति में आई बाधाएं और इससे उत्पन्न हुई परेशानियां रहीं।
सत्र में अतिथियों ने कहा कि कई देशों में चल रहे युद्ध और अंतरराष्ट्रीय हालात का असर आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ता है क्योंकि एलपीजी का बड़ा हिस्सा दूसरे देश से आता है। ऐसे समय में लोगों के मन में कमी की आशंका स्वाभाविक थी। कुछ लोगों ने बिना सही जानकारी के भय पैदा कर दिया। इससे गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं। कई परिवारों ने जरूरत से ज्यादा सिलिंडर बुक कराने और भंडारण की कोशिश की। इससे स्थिति और बिगड़ती नजर आई। प्रशासन और सरकार ने समय रहते अपनी जिम्मेदारी निभाई। बाजार में लगातार निगरानी रखी गई। आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए गए और जांच अभियान भी चलाए गए। कई स्थानों पर अधिकारियों ने एजेंसियों तथा विक्रेताओं की जांच कर हालात को सामान्य रखने का प्रयास किया। इसके बावजूद दूरदराज क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में कालाबाजारी की शिकायतें सामने आईं।
संवाद में यह बात भी सामने आई कि कई स्थानों पर रसोई गैस सिलिंडर के मनमाने दाम वसूले गए। कुछ लोगों ने बताया कि छोटे और व्यावसायिक सिलिंडरों पर अतिरिक्त राशि ली गई। लोगों ने कहा कि संकट के समय कुछ गैर जिम्मेदार तत्व मौके का फायदा उठाकर जनता को लूटने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उपस्थित लोगों ने कहा कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही काफी नहीं है बल्कि जागरूकता भी बेहद जरूरी है। यदि समय रहते लोगों को सही जानकारी मिलती रहे तो घबराहट कम होगी और अनावश्यक भीड़ नहीं जुटेगी। लोगों ने सुझाव दिया कि सरकार को नियमित सूचना जारी करनी चाहिए कि गैस की उपलब्धता कितनी है और आपूर्ति सामान्य है या नहीं। लोगों ने कहा कि घरों में एलपीजी का उपयोग सोच-समझकर किया जाए। जहां संभव हो सौर ऊर्जा, बिजली से चलने वाले उपकरणों व वैकल्पिक साधनों का उपयोग बढ़ाया जाए। इससे एलपीजी पर दबाव कम होगा और संकट की स्थिति में राहत मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बुकिंग की अवधि कम करने की मांग
ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बुकिंग की अवधि 45 दिन से घटाकर 25 दिन करने तथा दूरदराज इलाकों में कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने कहा कि शहरों में गैस बुकिंग की अवधि 25 दिन है जबकि गांवों में 45 दिन की समयसीमा रखी गई है। आज गांवों में भी अधिकांश परिवार रसोई गैस पर निर्भर हैं इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी यह अवधि कम की जानी चाहिए।
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ये रहे उपस्थित
संवाद कार्यक्रम में वीना बख्शी, डॉ. दीपिका राजपूत, भारत भूषण, राम रतन शर्मा, प्रीतम सिंह, बब्बू वर्मा, नरेश डिगरा, रविंद्र भाई, राजेश कुमार, नंद किशोर, सुदर्शन मेंगी व आदित्य दत्ता सहित अन्य मौजूद रहे।