जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन ने साफ शब्दों में कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद की विचारधारा मर चुकी है। लोग देखते हैं कि यह व्यर्थ था और मैं यह भी जोड़ूंगा कि गेंद दिल्ली के पाले में है।
अलगाववादी से मुख्यधारा के राजनेता बने सज्जाद लोन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद की विचारधारा मर चुकी है। क्योंकि लोगों को यह एहसास हो गया है कि यह निरर्थक है।
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जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (जेकेपीसी) प्रमुख ने हिंसा समाप्त करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत हमारी भूमि है। इस बारे में कोई अस्पष्टता नहीं है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी विचारधारा मर गई है और दफन हो गई है, तो उन्होंने जवाब दिया कि मुझे लगता है कि हां... यह है। मुझे लगता है यह मर चुका है।
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आगे कहा कि लोग देखते हैं कि यह व्यर्थ था और मैं यह भी जोड़ूंगा कि गेंद दिल्ली के पाले में है। कश्मीरी भारत का हिस्सा बनने को तैयार है। लेकिन वे सम्मानजनक सह-अस्तित्व पर विचार कर रहे हैं। वे अपमान या असमान भारतीय होने की स्थिति को नहीं देख रहे हैं।