रियासत की राजधानी जम्मू में रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों से एकत्रित हुए संतों ने विश्व हिंदू परिषद के झंडे तले अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण की हुंकार भरी। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डालने के मकसद से विश्व हिंदू परिषद की धर्म सभा के मंच से संतों ने राम मंदिर निर्माण के लिए हुंकार भरते हुए कांग्रेस को भी निशाने पर लिया।
मुख्य वक्ता जगतगुरु हंस देवाचार्य जो अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए संतों की समिति के पदाधिकारी भी हैं, ने सुप्रीम कोर्ट के जजों पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल तीन मिनट की सुनवाई में अदालत के जजों ने कहा कि राम मंदिर उनकी प्राथमिकता में शामिल रही है। कांग्रेस के नेता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राम मंदिर पर फैसला 2019 लोकसभा चुनाव के बाद आए। हंस देवाचार्य ने कहा कि संतों का धर्मादेश है कि केंद्र सरकार कानून बनाकर या अध्यादेश लाकर श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे।
उन्होंने कहा कि मंदिर के लिए अब तक 76 बार युद्ध हो चुके हैं और चार लाख हिंदुओं ने प्राणों का बलिदान दिया है। छह दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचा गिराकर हिंदुओं ने ताकत का परिचय दिया था। अब मंदिर निर्माण के लिए 77वीं लड़ाई शुरू हो चुकी है। श्री राम मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों को तराशने का काम 60 फीसदी तक पूरा हो चुका है।
जिस दिन सौ फीसदी काम पूरा हो गया, संत श्री राम मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू कर देंगे। दुनिया की कोई ताकत मंदिर निर्माण को नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हैं और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर से आतंकवाद के खात्मे के लिए राज्यपाल बेहतर कार्य कर रहे हैं। पत्थरबाजों को उनकी करनी का फल मिल रहा है। संत अपना कार्य अच्छे से कर रहे हैं और कैसे अच्छे दिन चाहिए।
भगवा रंग में रंगा नजर आया परेड चौक
उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण पर अगर सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना देती तो अब तक कांग्रेस का पप्पू इटली भाग गया होता। जगत गुरु रामानंदाचार्य, 1008 महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास, 1008 महा मंडलेश्वर महंत राम स्वरूप दास, 1008 महामंडलेश्वर महंत दिव्यानंद, 1008 महामंडलेश्वर महंत ऋषिवन, स्वामी दिनेश भारती व संत रविनाथ, स्वामी अक्षरानंद ने भी श्री राम मंदिर के लिए हुंकार भरी।
विश्व हिंदू परिषद की धर्म सभा में संभाग के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में लोग भगवा रंग में पहुंचे और श्री राम मंदिर निर्माण की हुंकार भरी। जय श्री राम के जयघोष की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई थी। अंदाजे के तौर पर आठ हजार से ज्यादा लोग धर्म सभा में जुटे। जम्मू में इतनी विराट धर्म सभा इससे पहले परेड चौक इलाके में कभी नहीं देखी गई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली में भी इतने लोग शामिल नहीं हुए थे।
भाजपा और संघ के नेता, कार्यकर्ता भी मौजूद रहे
धर्म सभा में भाजपा और संघ के नेता व कार्यकर्ताओं का भी जमावड़ा रहा। प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना के अलावा पूर्व मंत्रियों में सत शर्मा, नगर निगम के मेयर चंद्र मोहन गुप्ता, एमएलसी रमेश अरोड़ा, महासचिव डा. नरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक राजेश गुप्ता, महासचिव संगठन अशोक कौल, युद्धवीर सेठी आदि नेता मौजूद रहे। वहीं आरएसएस के पदाधिकारियों में प्रांत संघ चालक ब्रिगेडियर सुचेत सिंह मंच पर मौजूद रहे और उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए अपने संबोधन में दम भी रहा। संघ के स्वयं सेवक व अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रांत कार्यवाह पुरुषोत्तम दधिचि भी मौजूद रहे।
विहिप नेताओं ने भी भरा दम
विहिप के राष्ट्रीय महासचिव पंकज सिंह ने कहा कि मुस्लिमों को श्री राम जन्म भूमि से अपना दावा वापस हिंदुओं की आस्था के प्रतीक श्री राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। इससे दोनों में आपसी सद्भाव और बढ़ेगा और देश हित में यह बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि बाबर आक्रमकारी था जो लोग बाबरी मस्जिद की बात करते हैं, उन्हें यह बताना चाहिए कि बाबर के साथ उनका रिश्ता क्या है। संतों ने मंदिर श्री राम जन्म भूमि पर बनाने की बात कही है और मंदिर वहीं बनेगा। विहिप के प्रांत अध्यक्ष लीलाकरण शर्मा ने अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण हर हाल में करवाने की बात करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में 2008 में श्री अमरनाथ भूमि आंदोलन पर पूरा हिंदू समाज एकजुट हुआ था उसी तरह अब भी हिंदू एकजुट हो रहा है। आरएसएस के प्रांत संघ चालक ब्रिगेडियर सुचेत सिंह ने कहा कि संघ चाहता है कि श्री राम मंदिर निर्माण जल्द हो। इसके लिए जो कुछ करना पड़ेगा वह किया जाएगा।
पुख्ता रही सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन से भी हुई निगरानी
धर्म सभा में पुलिस व अर्ध सैनिक बलों का कड़ा पहरा रहा और ड्रोन से भी करीबी नजर रखी गई। धर्म सभा स्थल को जाने वाले सभी रास्तों पर कड़ा पहरा लगाया गया था।