फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीर: स्कूल खुलते ही हिंसा की साजिश, सिख समुदाय को निशाना बनाकर फैलाई अफवाह

Thu, 02 Mar 2017 09:20 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
विज्ञापन
घाटी में तैनात जवान - फोटो : File Photo
विज्ञापन
घाटी में तेजी से सामान्य हो रहे हालात के बीच स्कूल खुलते ही फिर से हिंसा भड़काने की साजिश रची गई है। अब शरारती तत्वों द्वारा सिख समुदाय की दसतार (पगड़ी) को निशाना बनाते हुए सांप्रदायिक हिंसा को तूल देने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन


वाट्सएप सहित सोशल मीडिया पर स्कूल बोर्ड के एक आदेश का हवाला देकर सिख छात्रों को पगड़ी पहनकर परीक्षा केंद्रों में न जाने की अफवाह फैलाई गई। हालांकि, बोर्ड ने ऐसे किसी आदेश से इनकार किया है। 

श्रीनगर समेत घाटी के सभी हिस्सों में बुधवार को स्कूल खुलने के ठीक एक दिन बाद ही शरारती तत्वों द्वारा सांप्रदायिक हिंसा को भड़काने की कोशिश की गई। वीरवार सुबह से ही सोशल मीडिया पर जम्मू कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन का नोटिस वायरल हुआ जिसमें लिखा था कि अब सिख छात्रों को स्कूलों में विशेष तौर पर परीक्षाओं के दौरान दसतार (पगड़ी) पहनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन


नोटिस में लिखा गया था कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि सिख छात्र परीक्षाओं के दौरान दसतार की आड़ में नकल करते हैं। इस मुद्दे पर जम्मू कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के चेयरमैन जहूर अहमद ने बताया कि यह जो नोटिस वायरल हुआ है वह बिल्कुल बेबुनियाद है। बोर्ड की ओर से ऐसा कोई नोटिस नहीं जारी किया गया है। यह अफवाह फैलाई गई है और लोगों से अपील है कि ऐसी अफवाहों पर यकीन न करें।
विज्ञापन

सिख समुदाय ने बताया साजिश का हिस्सा

घाटी में तैनात जवान - फोटो : PTI
सिख समुदाय ने इस नोटिस के वायरल होने की निंदा की है। उनका कहना है कि इसके पीछे सिखों को कश्मीर से निकालने की साजिश लग रही है ठीक उसी प्रकार जिस तरह से कश्मीरी पंडितों को पलायन करने पर मजबूर किया गया था।

उनका यह भी कहना है कि जब हालात सामान्य होकर पटरी पर लौट रहे हैं तो ऐसे नोटिस वायरल होने के पीछे शरारती तत्वों की सोची समझी साजिश हो सकती है।

नोटिस में जो अंग्रेजी का प्रयोग किया गया है वह टूटी फूटी है। नोटिस शिक्षा मंत्री अल्ताफ अहमद बुखारी के नाम से जारी किया गया है जबकि नोटिस या तो बोर्ड के चेयरमैन या सेक्रेटरी की ओर से जारी किया जाता है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें