जिला विकास परिषद चुनावों में निर्वाचन क्षेत्रों को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए आरक्षित करने के लिए सरकार ने नियमों में संशोधन कर दिया है। जम्मू-कश्मीर पंचायती राज नियमों में बदलाव के साथ ही अब सीटें आरक्षित की जा सकेंगी।
अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए आरक्षण का पैमाना जिले में संबंधित वर्ग की सबसे ज्यादा आबादी होगी। जिस निर्वाचन क्षेत्र में एससी अथवा एसटी की सबसे ज्यादा संख्या होगी, उसे एक कार्यकाल के लिए आरक्षित कर दिया जाएगा।
अगले चुनाव में इसी वर्ग से जुड़े दूसरे सबसे बहुल क्षेत्र को आरक्षित किया जाएगा। इसी तरह से महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण त्रिस्तरीय रोस्टर से होगा। एक में ओपन कैटेगरी महिला, दूसरे में अनुसूचित जाति की महिला और तीसरे में अनुसूचित जनजाति की महिला के लिए सीट आरक्षित होगी।
एक अन्य संशोधन के तहत अब पंचायती राज की त्रिस्तरीय व्यवस्था में किसी भी पद के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को फार्म 4 के तहत शपथ लेनी होगी। इसमें पंच, सरपंच, पंचायती अदालत अध्यक्ष, ब्लॉक विकास परिषद अध्यक्ष, जिला विकास परिषद सदस्य, जिला परिषद अध्यक्ष, जिला परिषद उपाध्यक्ष भी शपथ लेंगे। इसी तरह से पदों के नाम चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की जगह चेयरपर्सन और वाइस चेयरपर्सन किए गए हैं।