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Jammu News: रास्ते की निशानदेही करने आई टीम अतिक्रमणकारी के ही घर जाकर बैठी, लोगों ने किया हंगामा

Thu, 25 May 2023 01:47 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
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संवाद न्यूज एजेंसी
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अरनिया। सुचेतगढ़ के गांव शेर-ए-चक में बुधवार को अतिक्रमण वाले रास्ते की निशानदेही करने पहुंची राजस्व विभाग की टीम काम करने की बजाय अतिक्रमणकारी के घर ही जाकर बैठ गई। इस पर स्थानीय लोग भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। मामला बिगड़ता देख राजस्व विभाग की टीम अतिक्रमणकारी के घर से एक घंटे बाद बाहर निकली और काम शुरू किया। लेकिन, काम फिर भी न हो सका। टीम साथ में कोई रिकॉर्ड भी नहीं लाई थी। वहीं, हंगामे के बाद काम के नाम पर महज खानापूर्ति कर 10-15 दिन में काम पूरा होने का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार सुचेतगढ़ के तहसीलदार द्वारा बनाई गई संयुक्त समिति के सदस्य नायब तहसीलदार अरनिया देशराज, नायब तहसीलदार सुचेतगढ़ हबीबुल्लाह, पटवारी अरनिया जोगेश्वर सिंह, पटवारी सुचेतगढ़ राकेश कुमार और दोनों तरफ के गिरदावर अतिक्रमण वाले रास्ते की निशानदेही के लिए गांव शेर-ए-चक पहुंचे। लेकिन, यह टीम रास्ते की निशानदेही करने की बजाय उस व्यक्ति के ही घर चली गई जिसने अतिक्रमण कर रखा है। एक घंटे तक काम शुरू नहीं होने व अतिक्रमणकारी के घर में बैठने के विरोध में लोग भड़क गए। उन्होंने उसी समय हंगामा शुरू कर दिया और राजस्व विभाग पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसी मिलीभगत के कारण ही करीब एक माह से सुनवाई नहीं हो रही है। जब मामला ज्यादा बिगड़ने लगा तो राजस्व विभाग की टीम निशानदेही करने लिए मौके पर पहुंची और महज औपचारिकता ही पूरी की। आश्चर्य की बात है कि निशानदेही करने आई टीम साथ में रिकॉर्ड ही लेकर नहीं आई थी। वे निशानदेही करने के लिए अतिक्रमणकारी द्वारा दिया गया ही रिकार्ड ही इस्तेमाल करने लगे। इस पर भी लोग भड़क गए। टीम ने पैमाइश पूरी की। साथ ही बताया कि काम पूरा होने में 10-15 दिन का समय और लगेगा।
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तहसीलदार सुचेतगढ़ पर लगाया गुमराह करने का आरोप
निशानदेही में देरी को लेकर ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को तहसील कार्यालय में तहसीलदार निर्भय शर्मा से मिला था। इस दौरान उन्होंने बताया कि अरनिया के पटवारी का तबादला हो गया है। नए पटवारी के आने में अभी समय लगेगा। उसके कार्यभार संभालने के बाद ही निशानदेही संभव है। लेकिन, बुधवार को गांव में निशानदेही के लिए पहुंची टीम में पुराने पटवारी जोगेश्वर सिंह शामिल थे। लोगों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि तहसीलदार लोगों को गुमराह कर रहे हैं और किसी न किसी बहाने दिन निकालते जा रहे हैं।


तहसीलदार ने 2016 के हदबंदी के राजस्व रिकॉर्ड को बताया गलत
तहसीलदार सुचेतगढ़ ने वर्ष 2016 में की गई रास्ते की निशानदेही के रिकॉर्ड को भी गलत बताया है। उनका कहना है कि उस रिकॉर्ड में खामियां हैं। उन्हें दूर करने में अभी समय लगेगा। लोगों के अनुसार उस निशानदेही का रिकॉर्ड उनके पास है। उसके हिसाब से रास्ते पर अतिक्रमण किया गया है। लेकिन, तहसीलदार का कहना है कि अभी यह कहना मुश्किल है कि रास्ते पर अतिक्रमण है या नहीं। यह बात नई निशानदेही के बाद ही साफ होगी
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बुधवार को संयुक्त कमेटी के सदस्य निशानदेही करने के लिए गांव में गए हुए थे। लेकिन, एक दिन में ही गांव की हदबंदी नहीं हो सकती है। इसमें अभी वक्त लगेगा। यह वीरवार को पूरी हो सकती है और 20 दिन भी लग सकते हैं।
- निर्भय शर्मा, तहसीलदार, सुचेतगढ़
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