राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने प्रांतों प्रचारकों के साथ तीन दिनों की बैठक के बाद संगठन विस्तार की रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। शुक्रवार को संघ की अखिल भारतीय कार्यकरिणी और क्षेत्रीय प्रचारकों की बैठक में तीन दिनों तक हुए मंथन के बाद निष्कर्षों पर चर्चा हुई।
अगामी 12 से 14 अक्टूबर तक भोपाल में कार्यकारी मंडल की बैठक से पहले इस बाबत कार्यक्रम तय कर लिए जाएंगे। वामपंथी प्रभाव वाले राज्यों में संघ ने संगठन विस्तार के लिए शाखाएं बढ़ाने का निर्णय लिया है। जातिवाद को अभिशाप मानते हुए संघ ने सामाजिक समरसता का कार्यक्रम पूरे देश में चलाने का निर्णय लिया है।
संघ के सूत्रों के मुताबिक अखिल भारतीय कार्यकारिणी के 30 और 11 क्षेत्रीय प्रचारकों ने बैठक में हिस्सा लिया। प्रांत प्रचारकों की बैठक वीरवार को ही समाप्त हो गई थी। कार्यकारिणी बैठक शुक्रवार शाम को समाप्त हो गई।
देश भर में संचालित हो रही हैं संघ की 57000 शाखाएं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
- फोटो : फाइल फोटो
बैठक में सर संघ चालक मोहन भागवत के अलावा सर कार्यवाह भैयाजी जोशी, सर सह कार्यवाह कृष्ण गोपाल, दत्तात्रेय होसबोले एवं अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। मोहन भागवत शनिवार को जम्मू से नागपुर के लिए रवाना होंगे। अन्य सभी प्रमुख पदाधिकारी शुक्रवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
बैठक में इस साल संघ के विस्तार पर संतोष व्यक्त किया गया। वर्तमान में देश भर में संघ की 57000 शाखाएं हैं। पिछले साल और इस साल के साढ़े छह महीनों में विस्तार में 62 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। लगभग सात हजार नई शाखाएं खुली हैं। देश के 840 जिलों में से 820 में संघ का काम चल रहा है।
साप्ताहिक शाखाओं की संख्या लगभग एक हजार है। देश के 90 प्रतिशत ब्लाकों में संघ का काम चल रहा है। जम्मू बैठक में पश्चिम बंगाल, केरल और जम्मू कश्मीर में संगठन विस्तार पर विस्तृत रूप से चर्चा के बाद कार्यक्रम तय किए गए हैं।