धार रोड़ के जरिए पठानकोट और उधमपुर को जोड़ते मार्ग पर बिलावर की भिनी नदी पर बने पुल का उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास के लिए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), एमओएस पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष और उधमपुर-डोडा-कठुआ से सांसद डा. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकार्पण किया।
२५९ मीटर लंबे इस पुल को जनसमर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि पठानकोट और उधमपुर को जोडऩे में महत्वपूर्ण होने के साथ ही यह पुल निकट भविष्य में इस पुल के नजदीक सुंदरीकोट टनल को चालू करने के साथ कठुआ के साथ इलाके की कनेक्टिविटी का भी आसान और कम समय का जरिया बनेगा।
उन्होनें बताया कि सुंदरोकोट टनल की डीपीआर को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंप दिया गया है। उन्होंने इस मौके पर सांसद निधि से बिलावर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक करोड़ रूपए की राशि भी जारी की। जिसमें से भड्डू में खेल मैदान, मांडली और गल्लक में सड़क, गलियों और सामुदायिक भवन के निर्माण और बाल योगेश्वर स्कूल फिंतर में में सोलर पावर स्टेश्रन और कंप्यूटर लैब के लिए पहले ही राशि जारी कर दी गई है।
बिलावर अस्पताल में डेंटल सेक्षन की स्थापना के लिए बीस लाख और पच्चीस लाख की लागत से बिलावर में सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा भी पीएमओ मंत्री ने की। तय समयावधि में भिनी पुल को तैयार करने पर डा. सिंह ने बीआरओ को मुबारक दी। उन्होंने कहा कि इससे पहले बीआरओ ने तय समयावधि से पूर्व अटल सेतु का भी निर्माण पूरा किया है जो उत्तर भारत में अपनी ही तरह का पहला पुल है।
तय समय पर पूरा किए जाने से ही अटल सेतु को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर उन्हीं के जन्मदिवस पर जनसमर्पित कर पाना संभव हुआ। उन्होंने कहा कि बनी बिलावर के इलाके के लिए छत्रगलां टनल भी गेम चेंजर साबित होने वाली है।
केंद्र मेहरबान अब राज्य सड़कों के काम में लाए तेजी
बिलावर में जनसभा को संबोधित करते हुए डा. जितेंद्र सिंह ने राज्य सरकार से केंद्रीय वित्त पोषित सड़कों और अन्य परियोजनाओं के निष्पादन में तेजी लाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि डीपीआर को देरी से तैयार करने, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबे समय तक चलने, फारेस्ट क्लीरेंस में देरी और निविदाओं के विलंब से जुड़े मुद्दे इन परियोजनाओं की देरी के लिए जिम्मेदार हैैं। डॉ सिंह ने कहा कि बीआरओ के तहत सड़क और पुल परियोजनाओं के अधिकांश काम उम्मीद के अनुरूप गतिशील प्रगति पथ पर हैं।
उन्होंने असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि सेंट्रल रोड फंड (सीआरएफ) या प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के माध्यम से जिन वित्त पोषित सड़कों और पुलों का क्रियान्वन राज्य सरकार को करवाना है उनमें उम्मीद के अनुरूप प्रगति नहीं है।
जो लोगों की नाराजगी का भी कारण बनता है। उन्होंने उधमपुर-घोरडी सड़क के उदाहरण को संदर्भित किया, जिसे एक वर्ष पहले केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के निजी हस्तक्षेप के माध्यम से सीआरएफ से मंजूरी दे दी गई थी, लेकिन अब तक, राज्य निर्माण विभाग से दोबारा अनुरोध के बावजूद भी काम शुरू नहीं हो पाया है।
सुद्धमहादेव हाईवे से जुडेगा डोडा
पीएमओ मंत्री ने बिलावर में संबोधित करते हुए कहा कि बिलावर और बनी के इलाकों के लिए लिए छत्रगलां टनल भी एक गेम चेंजर साबित होगी जिसे काफी प्रयासों के बाद मंजूरी हासिल हुई है। इस परियोजना को बीआरओ और नेश्रल हाईवे संयुक्त रूप से आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस सुरंग को बीआरओ की अनुमोदित सूची में शामिल किया गया है लेकिन इसके उच्च बजट पर विचार करने के लिए सर्वेक्षण, भूमि अधिग्रहण, निर्माण निविदा आदि के विभिन्न चरणों के माध्यम से जाना होगा, जिसमें अभी कई साल लग सकते हैं।
हालांकि, एक बार जब इस सुरंग का परिचालन हो जाता है, तो डोडा-भद्रवाह से बसोहली-बिलावर तक का समय लगभग 5 घंटे तक कम हो जाएगा और यह व्यापार और नौकरियों को बढ़ावा देने के लिए आल सीजन सड़क के रूप में काम करेगा।
वहीं जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि बताया कि सुद्धमहादेव हाईवे को डोडा से जोडऩे के लिए सर्वेक्षण और अन्य औपचारिकताएं शुरू कर दी गई हैं जो एक अन्य विकल्प के रूप में सामने आएगा।