रियासत में संघ के विस्तार तथा गठबंधन सरकार के कामकाज की समीक्षा के लिए 14 जुलाई से आयोजित संघ के तीन दिनी मंथन शिविर की तैयारियां शुरू हो गई हैं। संघ के सह कार्यवाह भैयाजी जोशी तीन दिन तक अपनी पूरी टीम के साथ रहकर ताना बाना बुनेंगे। स्वयंसेवकों के साथ ही यहां के संभ्रांत नागरिकों, बुद्धिजीवियों से मिलकर सरकार के कामकाज का फीडबैक लेंगे।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव के भी इस मंथन शिविर में शामिल होने की उम्मीद है, लेकिन उनके पूर्वोत्तर दौरे को लेकर अभी उनका कार्यक्रम तय नहीं है। संघ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भैयाजी जोशी के 14 से 16 जुलाई तक यहां प्रवास का आधिकारिक कार्यक्रम तय हो गया है। इसके साथ ही दत्तात्रय होसबले तथा संघ में भाजपा के प्रभारी कृष्ण गोपाल जी भी रहेंगे।
सूत्रों ने बताया कि रियासत में गठबंधन और केंद्र में मोदी की सरकार बनने के बाद राज्य में संघ के विस्तार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होता देख संघ परिवार काफी उत्साहित है। इसी के तहत विस्तार की योजना बनाई जाएगी ताकि संघ का सेवा कार्य गांव-गांव तक पहुंचे। मंथन शिविर में अनुच्छेद 370, अफस्पा और कश्मीरी पंडितों की ससम्मान घर वापसी पर भी राय मशविरा कर रणनीति बनाई जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि पीडीपी-भाजपा के बीच वैचारिक मतभेदों तथा परस्पर विरोधी बयानबाजी को लेकर भी चर्चा होगी। सरकार में भाजपा के प्रतिनिधियों तथा प्रमुख नेताओं को संयम बरतने तथा अनावश्यक बयानबाजी न करने की सलाह भी दी जा सकती है। रियासत में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी दधीचि जी का कहना है कि तीन दिनी कार्यक्रम में केवल संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा होगी। संघ के विस्तार तथा अधिकाधिक लोगों तक पहुंच बनाने के मसले पर विचार होगा।