बहुचर्चित रोशनी घोटाले में सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कार्रवाई की तैयारी में है। करीब 25 हजार करोड़ रुपये के इस घोटाले में निदेशालय के दिल्ली मुख्यालय स्थित स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि स्पेशल टास्क फोर्स की टीम कुछ दिनों में जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों में छापेमारी की तैयारी कर चुकी है। बड़े स्तर पर संपत्तियां जब्त होने की जानकारी है। इनमें बंगले, होटल, कारोबारी कांप्लेक्स आदि शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ की टीम जम्मू के बठिंडी, रेजिडेंसी रोड और गांधी नगर में कार्रवाई की तैयारी में है। बठिंडी में बड़े स्तर पर राजनेताओं और अफसरों ने रोशनी के तहत कौड़ियों के भाव जमीन लेकर अपने आलीशान बंगले खड़े किए हैं और कारोबारी कांप्लेक्स बनाए हैं। इसके अलावा जम्मू शहर के रेजिडेंसी रोड और कुछेक अन्य स्थानों पर कुछ होटल भी बनाए गए हैं।
इन होटलों को भी रोशनी के तहत कौड़ियों के भाव में मालिकाना हक में तबदील कर दिया गया। इसके अलावा गांधी नगर इलाके में कई कारोबारियों ने रोशनी के तहत जमीनें अपने नाम करवाकर कारोबारी कांप्लेक्स तैयार कर लिए हैं। इन तीनों ही जगह बठिंडी, रेजिडेंसी रोड और गांधी नगर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दबिश देने की तैयारी की जा रही है।
तीसरी जांच एजेंसी होगी ईडी
बता दें कि रोशनी घोटाले की सबसे पहले जांच प्रदेश एंटी करप्शन ब्यूरो को दी गई थी, लेकिन एसीबी इस मामले की जांच सही तरह से नहीं कर पाई और हाईकोर्ट के आदेश पर यह मामला सीबीआई को ट्रांसफर हो गया। सीबीआई इस मामले में जांच कर रही है। इस मामले में 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ दो मामलों के ही चालान हो पाए हैं अब प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की जांच करने की तैयारी में है और यह तीसरी जांच एजेंसी होगी।
फारूक अब्दुल्ला से लेकर आईएएस तक के नाम
बता दें कि रोशनी घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला से लेकर कश्मीर के दो पूर्व मंडलायुक्तों, जिला उपायुक्तों समेत कई नामी लोगों के नाम शामिल हैं। पूर्व मंत्री रमन भल्ला, लाल सिंह की पत्नी, अब्दुल गनी कोहली आदि के नाम हैं।
अवैध, असांविधानिक और अस्थिर
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने रोशनी योजना को अवैध, असांविधानिक और अस्थिर करार दिया था। साथ ही इस मामले की जांच को सीबीआई के हवाले कर दिया। साथ ही सरकार ने नवंबर 2021 को इस योजना को रद्द कर दिया। इसके तहत ट्रांसफर होने वाली करीब 2.5 लाख एकड़ जमीन के ट्रांसफर होने के आदेश को रद्द कर दिया था।
गन लाइसेंस मामले में 16 आईएएस समेत अन्य की संपत्ति भी रडार पर
प्रवर्तन निदेशालय जम्मू-कश्मीर के 16 आईएएस, जेकेएएस अफसरों, गन डीलरों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी कर चुका है। सूत्रों का कहना है कि प्रीवेंशन आफ मनी लांन्ड्रिंग एक्ट के न्याय निर्णायक प्राधिकारी नई दिल्ली की ओर से इन लोगों की संपत्ति जब्त करने की मंजूरी दी गई है। संभव है कि अगले दो से तीन दिन के भीतर इन लोगों की संपत्ति पर निदेशालय का अधिकार होगा। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में करीब 4 लाख लोगों के फर्जी गन लाइसेंस बनाए गए हैं। इस मामले की जांच भी सीबीआई के पास है, जबकि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय भी जांच कर रह रहा है। निदेशालय ने इन अधिकारियों की संपत्ति अटैच करने और इसकी मंजूरी लेने की सिफारिश की थी।