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Jammu News: जम्मू के पर्यटन को झटका, पीरखो रोपवे के जल्द शुरू होने की उम्मीद नहीं

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बाढ़ से पीरखो-महामाया रोपवे को भारी नुकसान पहुंचा। बाढ़ से पीरखो में स्थापित केबिन के शीशे टूट 
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बाढ़ से नियंत्रण कक्ष और बुनियादी ढांचा तहस-नहस हुआ, छह करोड़ रुपये का नुकसान
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रोपवे से तीन धार्मिक स्थलों को जोड़ने का उद्देश्य टूटा, वर्तमान में बाहु-महामाया रोपवे ही चल रहा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बाढ़ का दंश झेल चुके जम्मू रोपवे के पीरखो-महामाया सेक्शन के जल्द बहाल होने की उम्मीद नहीं है। सूर्य पुत्री तवी किनारे स्थापित इस सेक्शन की दो मंजिला तक पानी आ जाने से रोपवे के केबिन, नियंत्रण कक्ष, बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसमें छह करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है। इस सेक्शन के बंद रहने से जम्मू के पर्यटन को झटका लगा है। वर्तमान में जम्मू रोपवे की बाहु-महामाया सेक्शन ही चल रही है लेकिन इस रोपवे के माध्यम से तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने का उद्देश्य टूट गया है।
गत 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने पीरखो-महामाया रोपवे सेक्शन को तहस नहस कर दिया था। तवी पर इस रोपवे की 1184 मीटर लंबाई है और यह सात टावरों पर स्थापित है। इसे वर्ष 2021 में शुरू किया गया था। लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि वर्ष 2014 की तरह भीषण बाढ़ रोपवे को प्रभावित कर देगी। इस रोपवे में 16 केबिन स्थापित हैं जो केबिन पीरखो नियंत्रण कक्ष में स्थापित थे, उन्हें बाढ़ के पानी ने क्षतिग्रस्त कर दिया। कइयों के शीशे टूट गए थे।
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पीरखो सेक्शन का मुख्य उद्देश्य तीन प्रमुख
धार्मिक स्थलों पर पर्यटन को बढ़ावा देना
पीरखो सेक्शन स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य शहर के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों पर तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसमें जो पर्यटक पीरखो तक आता था वह ऐतिहासिक पीरखो में मंदिर दर्शन के बाद रोपवे के माध्यम से महामाई के मंदिर और उसके बाद महामाया से बाहु पहुंचकर ऐतिहासिक बावे वाली माता के मंदिर पहुंचता है। यहां दर्शन करने के बाद पर्यटक वापस पीरखो आ सकते हैं। इसी तरह बाहु-महामाया रोपवे दो टावरों पर स्थापित हैं और इसकी लंबाई 474 मीटर है। इसे अक्तूबर 2020 में शुरू किया गया था। रोपवे में टर्की और स्विट्जरलैंड के उपकरण लगाए गए हैं। इस रोपवे की सवारी के दौरान लोगों को तवी नदी, पुराने शहर सहित अन्य आसपास के विहंगम दृश्य देखने को मिलते हैं। लेकिन इस दो मंजिला बुनियादी ढांचे में अभी भी जगह जगह सिल्ट जमा है।
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बाढ़ से पीरखो-महामाया रोपवे का सेक्शन लगभग तबाह हो गया था। इसे बहाल करने के लिए छह करोड़ रुपये तक की जरूरत है। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
राकेश भट्ट, प्रभारी, जम्मू रोपवे
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