फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: रोलबॉल खिलाड़ी बोले-पदक जीतकर देश-प्रदेश को दिलाया सम्मान, अब हमारा भी कर दें कल्याण

विज्ञापन
विज्ञापन
(फोटो) -रोलबाॅल खिलाड़ियों का छलका दर्द, बोले- पदक जीतने के बावजूद हम प्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए पात्र नहीं
विज्ञापन

- यूटी प्रशासन से एसओ-12 के तहत लाभ के लिए पात्र खेलों की सूची में रोलबॉल को शामिल करने की लगाई गुहार


संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के रोलबॉल खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बावजूद सरकारी नौकरियों के लिए पात्र नहीं हैं। इसका कारण एसओ-12 की सूची में रोलबाॅल को शामिल नहीं करना बताया जाता है। एसओ-12 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को रोजगार की गारंटी देता है।
रोलबाॅल को अब तक एसओ-12 सूची में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, जहां केंद्र सरकार खिलाड़ी सेवाओं पर विचार करने के लिए अनुमोदित खेलों की सूची में इस खेल को शामिल करके रोलबॉल खिलाड़ियों को नौकरी के अवसर प्रदान करती है, वहीं जम्मू-कश्मीर सरकार ने अब तक अपनी खेल नीति के तहत समान अवसरों का विस्तार नहीं किया है। रोलबाॅल उन खेलों में से एक है, जिसमें प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा है और उन्होंने प्रदेश के लिए कई पदक भी जीते हैं। जम्मू-कश्मीर में नई खेल नीति लागू होने के बाद भी रोजगार के अवसरों की कमी के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

कई साथी यह खेल छोड़ने पर विचार कर रहे हैं : हितेश्वर सिंह
जम्मू-कश्मीर के हितेश्वर सिंह एक अंतरराष्ट्रीय रोलबाॅल खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2017 और 2019 के वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और वर्ल्ड चैंपियन भी रहे। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पदक जीते हैं। रोलबाॅल में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने उन्हें शेर-ए-कश्मीर अवार्ड, स्टेट अवार्ड, जेएंडके ओलंपिक एसोसिएशन के रंगील सिंह अवार्ड से सम्मानित किया। इसके अलावा उन्हें केंद्र सरकार की ओर से नेशनल चाइल्ड अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। हितेश्वर सिंह कहते हैं कि मुझे रोलबाॅल खेलते हुए 15 साल से अधिक हो चुके हैं। इसके बावजूद नौकरी नहीं मिल रही। हमारे खेल को अभी तक एसओ-12 में शामिल नहीं किया गया। वह सरकार से मांग करते हैं कि रोलबाॅल को एसओ-12 में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि उनके कई साथी खिलाड़ी यह खेल छोड़ने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि इसमें कोई भविष्य नहीं दिखता।
सरकार हमें सरकारी नौकरी के लिए मान्यता नहीं दे रही : सुविधा सरीन
इसी तरह वर्ल्ड कप और एशियन चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं और इस वर्ष की स्टेट अवार्डी सुविधा सरीन ने कहा कि मैंने एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण और वर्ल्ड कप में देश के लिए रजत पदक जीता। मेरे जैसे कई खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया और पदक जीता है लेकिन सरकार हमें सरकारी नौकरी के लिए मान्यता नहीं दे रही। मैं सरकार से अनुरोध करती हूं कि हमारी सरकारी नौकरी के लिए भी विचार किया जाए। हमने इस खेल को कई साल दिए हैं। हमने उच्च स्तर तक पढ़ाई भी की है।
हम अत्यधिक योग्य पेशेवर भी हैं : रूही राजपूत
विभिन्न स्तरों पर देश और केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व कर चूकी रूही राजपूत ने 2019 में एशियन रोलबॉल चैंपियनशिप में भाग लिया था और स्वर्ण जीता था। उस दौरान उन्हें बेस्ट गोलकीपर का भी अवार्ड मिला। इसके बाद 2023 में उन्होंने वर्ल्ड कप खेला, जहां टीम ने कांस्य पदक जीता था। उन्होंने कहा कि इतनी मेहनत करने और अपना सबकुछ देने के बाद भी हमें हमारा फल नहीं मिल रहा। किसी भी एथलीट के लिए वित्तीय स्थिरता के लिए सरकारी नौकरी जरूरी है। हम केवल ऐसे लोग नहीं हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं, बल्कि हम अत्यधिक योग्य पेशेवर भी हैं। हमारा मानना है कि सरकार को हमारी कड़ी मेहनत को स्वीकार करना चाहिए और हमें देश के अन्य क्षेत्रों के समान नौकरी के अवसर प्रदान करने चाहिए।
पदक जीतकर भी मैं एक स्कूल में नौकरी कर रहा हूं : मनविजय सिंह
राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके मनविजय सिंह सलाथिया ने कहा कि वह अभी एक स्कूल में नौकरी कर रहे हैं। सालों रोलबाॅल को हमने अपना समय दिया लेकिन कोई फायदा नहीं मिल रहा। कभी-कभी मन करता है गेम ही छोड़ दें, लेकिन छूटती नहीं है। क्योंकि इस खेल से लगाव बहुत है। मैं बस यहीं चाहता हूं कि हमें सरकारी नौकरी के लिए योग्यता दी जाए। उन्होंने सरकार से रोलबॉल को एसओ-12 सूची में शामिल करने का आग्रह किया है।
जेकेएससी व एलजी को पत्र भी लिखा, अब तक सुनवाई नहीं : मधु शर्मा

वरिष्ठ रोलबॉल कोच मधु शर्मा ने कहा कि एसओ-12 में रोलबॉल को शामिल न किया जाना क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी निराशा बनी हुई है। उन्होंने एथलीटों के उत्साह को बढ़ाने के लिए एसओ-12 में रोलबॉल को जोड़ने के लिए जम्मू-कश्मीर खेल परिषद (जेकेएससी) और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को पत्र लिखकर कई बार अनुरोध किया है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हमने यूटी प्रशासन से एसओ-12 के तहत लाभ के लिए पात्र खेलों की सूची में रोलबॉल को शामिल करने का आग्रह किया है, खासकर खेल कोटा के तहत नौकरी के अवसरों के संदर्भ में। इन योग्य एथलीटों को नौकरी की सुरक्षा और वित्तीय सहायता प्रदान करना न केवल समानता का मामला है, बल्कि उन खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राज्य को सम्मान दिलाया है।
विज्ञापन

जेएंडके 17 साल से रोलबॉल की हर प्रतियोगिता में अपनी टीम भेजता रहा है

जम्मू-कश्मीर पिछले 17 साल से रोलबाॅल की हर प्रतियोगिता में अपनी टीम भेजता रहा है और खिलाड़ी पदक जीतकर प्रदेश का नाम रौशन करते रहे हैं। जेएंडके रोलबॉल को जेएंडके स्पोर्ट्स काउंसिल, केंद्र सरकार के युवा सेवा और खेल विभाग, ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटी गेम्स और स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की मान्यता प्राप्त है। रोलबॉल दुनिया भर में 50 से अधिक देशों में खेला जा रहा है और विभिन्न देशों में होने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में शामिल होता है। अंतरराष्ट्रीय रोलबॉल फेडरेशन ने छह विश्व कप, नौ एशियाई चैंपियनशिप और दो दक्षिण एशियाई चैंपियनशिप का आयोजन किया है, जबकि रोलबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 19 सीनियर पुरुष और महिला चैंपियनशिप और तीन फेडरेशन कप के अलावा जूनियर और सब-जूनियर स्तर पर विभिन्न चैंपियनशिप करवाई हैं। इस सबके बावजूद रोलबाॅल को 2022 के एसओ 12 के दायरे में लाया जाना बाकी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें