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रोहिंग्या: नरवाल के बाद अब भलवाल से हटेगी रोहिंग्याओं की बस्ती, घुसपैठियों को बसाने वाले मालिकों को नोटिस

Sat, 19 Sep 2026 02:04 PM IST
Sharukh Khan दीपक शर्मा, अमर उजाला, जम्मू

सार

नरवाल के बाद अब जम्मू के भलवाल से रोहिंग्याओं की बस्ती हटेगी। घुसपैठियों को बसाने वाले प्लॉट मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। झुग्गी नहीं हटी तो प्राथमिकी दर्ज होगी। साथ ही गिरफ्तारी की भी संभव होगी।
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झुग्गियां खाली करते रोहिंग्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू में नरवाल के बाद अब जम्मू के भलवाल क्षेत्र से रोहिंग्या घुसपैठियों को हटाया जाएगा। जिला प्रशासन ने रोहिंग्याओं को अपने खाली प्लाॅटों में बसाने वालों को नोटिस जारी किया है। झुग्गी नहीं हटी तो प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही गिरफ्तारी की भी चेतावनी दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यहां करीब 50 परिवार रह रहे हैं, जिनसे जमीन मालिक बिजली, पानी व जमीन के बदले दो से तीन हजार रुपये महीने वसूल रहे हैं। इनमें किसी का भी पुलिस से सत्यापन नहीं कराया गया है।
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यह लिखा है नोटिस में
रोहिंग्या झुग्गियों वाली जमीन खाली करने को लेकर जो नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें लिखा है जम्मू-कश्मीर भूमि राजस्व अधिनियम 1996 की धारा 133-ए के तहत कृषि भूमि के गैर-कृषि कार्यों के लिए अनधिकृत इस्तेमाल या बदलाव नहीं किया जा सकता। यह जम्मू-कश्मीर भूमि राजस्व अधिनियम 1996 का उल्लंघन है। इसमें धारा 133-सी या अन्य प्रावधान के तहत कार्रवाई हो सकती है।

इन लोगों के नाम पर है जमीन
नरवाल में जिस जमीन को लेकर जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किया था उसमें खसरा नंबर 303/156, 132, 304/156, 131, 130, 153 शामिल हैं। जिला प्रशासन के अनुसार जमीन नूर हुसैन, शफी मोहम्मद, गुलाम नबी, रसूल मोहम्मद और इनके रिश्तेदारों के नाम पर है।

 

शुक्रवार को हुई पेशी, एक सप्ताह का और समय दिया
नरवाल में 40 कनाल कृषि भूमि का व्यावसायिक इस्तेमाल कर अवैध रूप से रोहिंग्या बस्ती बसाने के मामले में शुक्रवार को जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोपी प्लॉट मालिकों की पेशी हुई। सूत्रों के अनुसार सुनवाई के दौरान संबंधित को एक सप्ताह का और समय दिया गया है। चेताया गया है कि जमीन पूरी तरह से खाली कर दी जाए। वहां एक भी झुग्गी नजर नहीं आनी चाहिए।
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अब कठुआ, सांबा व बड़ी ब्राह्मणा पर नजर
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार कठुआ व सांबा जिले के शहरी और बाहरी क्षेत्रों में बनीं झुग्गियों में रोहिंग्या रहते हैं। औद्योगि क्षेत्र बड़ी ब्राह्मणा में भी इनकी बड़ी संख्या है। जम्मू में कार्रवाई के बाद अब इन क्षेत्रों में भी कार्रवाई का दायरा बढ़ेगा। अगस्त में जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर गठित उच्च-स्तरीय समिति के अनुसार जम्मू संभाग के 10 जिलों में 6,737 रोहिंग्या और 46 बांग्लादेशी नागरिक रहे हैं।
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