रोहिंग्या समुदाय के नेता अमीर हुसैन ने बताया कि नरवाल में कार्रवाई के बाद कई परिवार जम्मू में ही दूसरी जगह तलाश रहे हैं। कुछ दूसरे राज्यों का रुख भी कर रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा हरियाणा, हैदराबाद और बंगलुरू जा रहे हैं। हुसैन ने कहा कि लोगों के पास पैसा नहीं है इसलिए सारा सामान बेच रहे हैं ताकि कुछ किराया जुटा सकें। जम्मू में एक से दूसरे बस्ती में जाने नहीं दिया जा रहा है। हर जगह पुलिस का पहरा है।
बिखराव के बाद कौन कहां गया, पता लगाना चुनौती
पूर्व आईजी आईपी सिंह ने कहा कि एक जगह रहने पर रोहिंग्या परिवारों की मौजूदगी पर नजर रखना आसान था। अब अलग-अलग इलाकों और राज्यों में जाने के बाद इनकी आवाजाही पर निगरानी मुश्किल होगी।