रियासत में बुधवार तीसरे दिन भी बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा। जम्मू-श्रीनगर के 300 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग के तीसरे दिन भी बंद रहने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाईवे पर हजारों वाहनों के फंसे रहने से घाटी में जरूरी सामान की किल्लत होने लगी है।
धुंध से कम रोशनी के कारण श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट में बीस उड़ानें रद करनी पड़ीं। एयरपोर्ट के निदेशक शरद कुमार ने बताया कि बिजिबिल्टी खराब रहने से 24 उड़ानें ही संचालित हो पाई। वैष्णो देवी में कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा अधिकतर प्रभावित रही। मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार अगले चौबीस घंटों में जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
जवाहर टनल पर बर्फबारी और रामबन-बनिहाल के बीच पंथयाल क्षेत्र में कई जगह भूस्खलन और पहाड़ों से गिरते पत्थरों के कारण बुधवार भी जम्मू-श्रीनगर हाईवे को खोलने में सफलता नहीं मिल पाई। श्रीनगर-लेह और मुगलरोड पर भी यातायात बंद है।
भारी बर्फबारी से श्रीनगर-कारगिल, बांडीपोरा-गुरेज, कुपवाड़ा-मचैल, कुपवाड़ा-केरन और कुपवाड़ा करनाह मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद रखी गई है। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में बीती रात से बुधवार दोपहर एक बजे तक रुक रुक कर बर्फबारी होती रही।
यहां 1-2 इंच बर्फ गिरी है। श्रीनगर में दिन का पारा सामान्य से पांच डिग्री गिरकर 4.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। विश्व विख्यात गुलमर्ग, कुपवाड़ा, बांडीपोरा, जोजीला पास, पहलगाम, सोनमर्ग सहित घाटी के सभी पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है।
बर्फबारी से इन इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित है। जम्मू संभाग के पर्यटक स्थल नत्थाटाप में ढाई फीट, पत्नीटाप में नौ इंच बर्फ गिरी है। जुगधार, शिवगढ़ धार, डेरा टाप, स्योजधार की चोटियों पर भी हिमपात हुआ।
रामबन जिले में हाईवे पर जगह-जगह पस्सियां गिरी हैं। हाईवे समेत दर्जनों संपर्क मार्गों पर यातायात बंद है। उधमपुर-घोरडी मार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा।