- अखनूर रोड पर हादसा, पैरापिट से टकराने के बाद सड़क के बीच पलट गई बस, दो टायर भी अलग हुए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अखनूर रोड पर बुधवार सुबह एक खटारा मेटाडोर पलट गई। इससे सवार कंडक्टर समेत 12 यात्री घायल हुए हैं। हादसा दूसरी मेटाडोर को ओवरटेक करते हुआ। मेटाडोर पहले पैरापिट से टकराई और फिर सड़क के बीच पटल गई। इसके पिछले टायर भी अलग हो गए। घायलों को शीशे तोड़कर बाहर निकालना पड़ा।
जानकारी के अनुसार मुट्ठी से जम्मू आ रही मिनी बस (जेके02डब्लयू 8694) अखनूर रोड पर सुबह 9:35 हादसे का शिकार हुई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जीएमसी में भर्ती कराया गया है। इनमें पटोली की रहने वाली श्रेया, पलोड़ा निवासी वरुण वैद, राशि, नसीब कौर, मुट्ठी निवासी राकेश कुमार, विश्वानी जमवाल, पप्पू, बाबू, तालाब तिल्लो निवासी वंश, मुट्ठी कैंप निवासी आर्यन, शिव नगर निवासी लवली और टॉप पलोड़ा निवासी उत्तम सिंह शामिल हैं। बता दें कि उक्त मेटाडोर 19 साल पुरानी है, जिसका 2004 में पंजीकरण हुआ था। पुलिस ने इसे लेकर मामला दर्ज कर लिया है।
खड़ी मिनी बस को ओवरटेक किया
घायल राकेश कुमार ने बताया कि चालक बहुत तेज चल रहा था। पवन आइसक्रीम के थोड़ा पीछे दूसरी मेटाडोर खड़ी थी। चालक इसके पीछे जाकर रुक गया और एकदम से उसके आगे से कट मारा। कट मारते ही पहले बस पैरापिट से टकराई और फिर पलट गई। मैं तो यात्रियों के नीचे दब गया। कुछ देर बाद लोगों ने शीशे तोड़े बाहर निकाला।
बार बार मना करने पर भी नहीं माना चालक
घायल राशि ने बताया कि मिनी बस चालक बहुत ही स्पीड में बस चला रहा था। उसे यात्री धीरे चलने के लिए कहते रहे, लेकिन वह नहीं मान रहा था। घायल नसीब कौर ने भी कहा कि चालक बहुत स्पीड में था और दूसरी मिनी बस को ओवरटेक करते हुए यह हादसा हुआ है।
पहले दिन ही कंडक्टरी करने आया था आर्यन
इस हादसे में मेटाडोर का कंडक्टर आर्यन सिंह भी घायल हुआ है। आर्यन के पिता कमल सिंह ने बताया कि बुधवार की सुबह आर्यन निकला था। पहले ही दिन वह कंडक्टरी करने के लिए निकला था और यह हादसा हो गया। वह खुद दुकान करते हैं। बेटा घर की कुछ आर्थिक मदद करने के लिए काम करना चाह रहा था। वह सुबह नहाकर चला गया और मैने मना नहीं किया।
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फोन कर दी परिजनों को जानकारी
घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। हादसा होने के बाद जब इनको बस से बाहर निकाला गया तो उन्होंने मोबाइल फोन पर संपर्क कर अपने परिजनों को जानकारी दी। जब परिजन अस्पताल पहुंचते, तब तक घायलों का उपचार शुरू कर दिया गया था। बता दें कि सुबह का वक्त होने से इसमें सवार अधिकतर लोग नौकरी पेशा वाले हैं।