सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में इस साल जनवरी से अबतक आतंकियों के खिलाफ 27 ऑपरेशन चलाए। इनमें 64 आतंकवादियों का सफाया किया गया। 25 सक्रिय आतंकवादी गिरफ्तार किए गए। वहीं बेगपोरा एनकाउंटर में मारे गए हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नायकू को पुलिस पिछले छह महीने से तलाश रही थी। आतंकी रियाज नायकू का मारा जाना एक तरह से कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन का खात्मा है। ये बातें कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहीं।
बता दें कि सेना ने हंदवाड़ा के अपने वीर जवानों की शहादत का तीन दिन बाद बदला लिया। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के बेगपोरा गांव में बुधवार दोपहर तक करीब 12 घंटे चली मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के स्थानीय कमांडर रियाज नायकू मार गिराया गया। सेना ने सुरंग में छिपे नायकू और उसके साथी आतंकी को तकरीबन 40 किलो आईईडी विस्फोट से उड़ा दिया।
12 लाख का इनामी नायकू मोस्ट वांटेड आतंकियों की ए प्लस प्लस श्रेणी में शामिल था। इसके अलावा पुलवामा के ही शरसाली गांव में एक अन्य मुठभेड़ में दो और आतंकी भी मारे गए हैं। इसे सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों का दावा है कि इंसानियत के दुश्मन नायकू और उसके साथियों के खात्मे के साथ ही दक्षिण कश्मीर आतंकवाद से तकरीबन मुक्त हो गया है।
दरअसल, 35 वर्षीय नायकू की तलाश बीते आठ साल से थी। हंदवाड़ा हमले के बाद सेना उसके पीछे बीते तीन दिन से लगी थी। सेना को पुलवामा में नायकू के गांव बेगपोरा में कुछ साथियों के साथ उसके एक सुरंग में छिपे होने की खुफिया सूचना मिली थी। नायकू अपनी बीमार मां और परिवार वालों से मिलने गांव आया था।