शुक्रवार की तबाही के बाद लोग तवी के शांत होने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन इसके उलट आंख खुलते ही उफनती तवी को देख लोगों के होश उड़ गए।
तवी नदी में छह-छह फीट ऊपर उठती लहरों को देखकर एक दफा मौत को अपने करीब महसूस करने लगे थे। लोगों का यह डर तब और ज्यादा बढ़ गया, जब तवी किनारे मकानों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया।
सबसे पहले शुक्रवार को बेली चराना में रहमत अली का अधूरा गिरा मकान शनिवार को तवी के ऊफान के साथ बह गया। देखते ही देखते कुछ दूर और तवी किनारे पर कच्चे-पक्के एक दर्जन मकान बह गए।