भारत तिब्बत संघ की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक
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भारत तिब्बत संघ की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को जम्मू में दो प्रस्ताव पारित करने के साथ संपन्न हो गई। पहले प्रस्ताव में तिब्बत को चीन के अवैध कब्जे से मुक्त करवाकर उसे आजाद देश का दर्जा दिया जाना और दूसरा प्रस्ताव बच्चों में राष्ट्रवाद की भावना को स्कूली जीवन से जागृत करने करने की मुहित शुरू करने का पारित किया गया।
पारित किए गए प्रस्तावों को केंद्र सरकार के ध्यान में लाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा। भारत तिब्बत संघ के उत्तर क्षेत्र के संयोजक डॉ. कुलदीप शर्मा का कहना है कि तिब्बत के साथ भारत के सांस्कृतिक और मैत्रीपूर्ण संबंध सदियों से रहे हैं।
चीन ने अवैध रूप से तिब्बत पर कब्जा कर रखा है। ऐसे में भारत तिब्बत संघ ने प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिब्बत की आजादी का मुद्दा उठाएं।
उनका कहना है कि देश के सुनहरे भविष्य के लिए बच्चों में विद्यार्थी काल से ही राष्ट्रवाद की भावना को जागृत करने की जरूरत है। अभी तक हमारे देश में इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया है।
ऐसे में भारत तिब्बत संघ ने एक जनवरी 2023 से इस तरफ खास ध्यान दिए जाने की अपील केंद्र सरकार से करते हुए स्वयं भी स्कूलों में जाकर इस मुहिम को सफल बनाने में जुटने का फैसला लिया है।
उनका कहना है कि पवित्र तीर्थ स्थान कैलाश मानसरोवर तिब्बत में ही है। ऐसे में चीन के अवैध कब्जे से तिब्बत मुक्त होता है तो हमारे देश ही नहीं विश्व के विभिन्न देशों में रह रहे हिंदुओं को भगवान शिव के निवास स्थान कैलाश मानसरोवर के दर्शन सरलता से होंगे।
समापन समारोह में भारत तिब्बत संघ के पदाधिकारी सौरभ सारस्वत, सुनील कौशल और सुधीर जमवाल भी मौजूद रहे।