फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फायरिंग रेंज के खिलाफ ग्रामीणों ने भरी हुंकार

विज्ञापन
विज्ञापन
सेना के लिए क्षेत्र में फायरिंग रेंज बनाने और आर्टिलरी प्रैक्टिस के लिए 140 गांवों की भूमि चिह्नित किए जाने के विरोध में सोमवार को लोग आखिरकार सड़क पर उतर गए। इस दौरान निर्दोष चौक पर लोगों ने तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। इससे आवागमन भी प्रभावित रहा।
विज्ञापन


नोटिस के खिलाफ विभिन्न पंचायतों के सरपंच एवं पंचों के नेतृत्व में सुबह दस बजे लोग एकत्र होने शुरू हो गए थे, जो बाद में बड़े जनसमूह में तब्दील हो गया। इसकी अगुवाई प्रदेश कांग्रेस के सीनियर उप प्रधान एवं पूर्व मंत्री शाम लाल शर्मा ने की।

इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई। साथ ही जल्द नोटिस वापस लेने की मांग की गई। लोगों ने अखनूर-जम्मू-पुंछ-पलांवाला मार्ग अवरुद्ध रहा। इससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने में खासी दिक्कतें भी आईं।
विज्ञापन

विज्ञापन

खौड़ में भी सड़क पर उतरे ग्रामीण

वहीं खौड़ के लोग भी फायरिंग रेंज के लिए निकाले गए नोटिस के खिलाफ सड़क पर उतरे। इस दौरान उन्होंने जोरदार विरोध किया और एसआरओ 462 को तुरंत वापस लेने के लिए कहा।

ग्रामीणों ने खौड़ मुख्य बाजार में बैठ पलांवला-जम्मू मुख्य मार्ग को लगभग डेढ़ घंटे तक बंद रखा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का नेतृत्व रतन सिंह और बलवीर सिंह ने किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

मौके पर पहुंचे एएसआई खौड़ चौधरी राज सिंह ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद मौके पर तहसीलदार खौड़ रामपाल शर्मा पहुंचे। उन्होंने सभी से बातचीत कर यातायात बहाल कराया।

ग्रामीणों ने तहसीलदार से आपत्ति फार्म भरवा कर डीसी जम्मू को फैक्स किया। ग्रामीणों ने लिखा है कि वह अपनी कृषि भूमि फायरिंग रेंज के लिए नहीं देना चाहते, क्योंकि वह खेतीबाड़ी पर ही निर्भर हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें