फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gulmarg Blast: जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में विस्फोट, चरवाहे की जान गई; इलाके में मचा हड़कंप

Sat, 27 Jun 2026 05:24 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

बारामुला के गुलमर्ग स्थित सुम्लोवाली डोक इलाके में जमीन में दबे एक पुराने शेल के विस्फोट में स्थानीय चरवाहे जुबैर अहमद बजाड़ की मौत हो गई। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
गुलमर्ग में धमाका (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग के फॉरवर्ड एरिया में आशा पोस्ट के पास आज एक विस्फोट होने की घटना सामने आई। इस हादसे में एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए।

सूत्रों के अनुसार यह शेल कथित तौर पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इलाके में गिरा हुआ था, जो आज अचानक फट गया। विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

फिलहाल इस घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और सेना की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी है और मामले की जांच के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आने की बात कही गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

हादसा सुम्लोवाली डोक के पास हुआ। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ये शेल जमीन में दबा था। इसके विस्फोट में बारामुला जिले के चन्दूसा निवासी जुबैर अहमद बजाड़ की माैके पर ही माैत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षाबलों के जवान तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके की घेराबंदी कर उसे सुरक्षित किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी बारीकी से जांच की जा रही है। 

इस बीच सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैलने लगी कि इस धमाके में सेना के जवान भी घायल हुए हैं जिसे अधिकारियों ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। पुलिस ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि इस घटना में सुरक्षाबलों का कोई भी जवान हताहत नहीं हुआ है। 

पुलिस के एक आला अधिकारी के अनुसार जिस शेल में विस्फोट हुआ है वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान का माना जा रहा है। हालांकि इस संदर्भ में कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।

बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के चलते घाटी में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच भीषण गोलाबारी हुई थी। उस दौरान दोनों देशों की ओर से दागे गए तोप के कई गोले और मोर्टार शेल जंगलों या बर्फीले इलाकों में बिना फटे ही दब गए होंगे। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें