बलविंदर सिंह और अन्य द्वारा दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकारी कार्यालयों से सेल्स टैक्स रिकवरी पर रिपोर्ट मांगी है। चीफ जस्टिस एमएम कुमार और जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि इस अदालत द्वारा पूर्व में दिए निर्देश पर चीफ सेक्रेटरी ने विभिन्न विभागों के सेक्रेटरी के साथ बैठक की थी।
साथ ही उन पर बकाया राशि के भुगतान के निर्देश दिए थे। इस संबंध में चीफ सेक्रेटरी ने हलफनामा दायर कर रिपोर्ट भी पेश की थी। चीफ सेक्रेटरी के निर्देश के बाद वित्त विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने दो बैठकें कीं, जो कामर्शियल टैक्स की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में झलकती हैं। बहरहाल, अभी भी कई विभागों पर सेल्स टैक्स बकाया है।
फरवरी से जून 2014 तक रिकवरी से संबंधित रिपोर्ट में बताया गया कि कश्मीर संभाग से 4.63 करोड़ और जम्मू संभाग से 4.36 करोड़ रुपये वसूले गए। इस तरह कुल 8.99 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई। अदालत ने कहा कि बकाया राशि की रिकवरी के लिए कदम उठाने की जरूरत है। खंडपीठ ने प्रतिवादी को छह सप्ताह का समय देते हुए बकाया राशि रिकवर करने के साथ-साथ अदालत में रिपोर्ट पेश करने को कहा।
जेएनएफ