जम्मू। साहिब बंदगी के सद्गुरु मधुपरमहंस ने रखबंधु में रविवार को प्रवचनों से संगत को निहाल किया। उन्होंने कहा कि जब मृत्यु आती है तो भरे-पूरे घर से उठाकर ले जाती है। कोई रोक नहीं पाता है। ग्रंथ शास्त्रों में अंतवाहक शरीर के बारे में बताया गया है। कोई प्रगट हो जाता है, कभी गुम हो जाता है। जब सत्यवान को यमदूत लेने आए तो सती सावित्री ने देख लिया। उसने यमराज से कहा कि मेरे पति को छोड़ दो। यमराज ने कहा कि मृत्यु पक्षपात नहीं करती है। दिव्य ताकतें भी आईं, सबको शरीर छोड़ना पड़ा, जो अशुभ कर्म करता है, उसे यमदूत घसीटते-मारते ले जाते हैं। जब दिव्यात्माएं शरीर छोड़ती हैं तो हरि के दूत आते हैं। यमराज ने सती सावित्री से बोला कि कुछ भी मांग, मैं दे दूंगा। उन्होंने प्राप्ति का आशीर्वाद दिया। सावित्री ने कहा, जब पति चला गया तो कैसे पुत्रवति बनूं। इस तरह सती ने यमराज को उलझा दिया था। आखिर उसके पास पतिव्रता की ताकत थी।