अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हृदय रोग के बढ़ते प्रसार के बारे में युवाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ आम जनता को जागरूक होने की जरूरत है। हृदय रोग दुनिया भर में मौत का प्रमुख कारण है। चार से 10 फीसदी दिल के दौरे 45 साल की उम्र से पहले होते हैं और इनमें अधिकतर पुरुष होते हैं। यह बात जीएमसी जम्मू के काॅर्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सुशील शर्मा ने बाल निकेतन वेद मंदिर अंबफलां में एक दिवसीय हृदय जागरूकता सह स्वास्थ्य जांच शिविर में कही।
उन्होंने कहा कि भविष्य में मृत्यु दर कम करने के लिए युवा पीढ़ी को स्वस्थ और हृदय अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए मन को केंद्रित करना चाहिए। डॉ. शर्मा ने कहा कि युवाओं में लगभग चार फीसदी दिल के दौरे कोरोनरी धमनी शरीर रचना की जन्मजात असमानताओं के कारण होते हैं। पांच फीसदी को रक्त के थक्कों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जहां वे धमनी को अवरुद्ध कर देते हैं। अन्य पांच फीसदी में रक्त के थक्के जमने की प्रणाली के विभिन्न विकारों से कोरोनरी धमनियों सहित पूरे संचार तंत्र में थक्का बनने का खतरा बढ़ जाता है। बाल निकेतन वेद मंदिर की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, नागरमल गुप्ता, आलोक शर्मा, सुनीत रैना ने शिविर लगाने के लिए डॉ. सुशील और उनकी टीम की सराहना की। मौके पर पूर्व मंत्री प्रिया सेठी, विबोध गुप्ता, युद्धवीर सेठी, डॉ. नासिर अली चौधरी और डॉ. धनेश्वर कपूर भी मौजूद रहे।