कैप्शन 1परगवाल में चिनाब नदी में कलश विसर्जन के बाद जयकारे लगाते युवाकैप्शन 2परगवाल में चिन
संवाद न्यूज एजेंसी
परगवाल। सीमावर्ती क्षेत्र में सोमवार को 39वीं वार्षिक कलश विसर्जन यात्रा निकाली गई। इसमें क्षेत्र के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गंगाधर महाराज मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कलश यात्रा श्रीराम मंदिर से शुरू हुई और मुख्य बाजार से होते हुए ढोल-नगाड़ों व भजन-कीर्तन के साथ दरिया चिनाब तट तक पहुंची। चिनाब के तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की गई। पवित्र कलश को दरिया में प्रवाहित किया गया। सत्संग भी हुआ। इसमें गंगाधर ने श्रद्धालुओं को श्राम नाम का सुमिरन करने के साथ धर्मकर्म के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद भंडारा लगाया गया। आयोजकों ने बताया की वर्ष 1988 में क्षेत्र में चिनाब नदी के कटाव को रोकने की कामना के साथ द्वारकानाथ शास्त्री ने कलश यात्रा की शुरुआत की थी। उस समय जिस स्थान पर नदी का कटाव लगातार जारी था, वहीं कलश प्रवाहित किया गया था। ऐसा माना जाता है की उसके बाद नदी का कटाव रुक गया था। तब से यह धार्मिक परंपरा निरंतर जारी है।