फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: ओ देवी कालिका, काली मेरी माई... से गूंजा मां बावे वाली का दरबार

विज्ञापन
विज्ञापन
- कोल कंडोली, महाकाली मंदिर, माता महामाया मंदिर में भी उमड़े श्रद्धालु
विज्ञापन

संवाद न्यूज़ एजेंसी
जम्मू। मंदिरों के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे श्रद्धालु टोली बनाकर माता रानी की महिमा का गुणगान करते नजर आए। कोई ओ देवी कालिका तो कोई काली मेरी माई... जैसे पारंपरिक भजनों का गुनगुना कर श्रद्धा प्रकट कर रहा था। पूरा वातावरण भक्ति के रस में सराबोर दिखा।
चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मंदिरों का शहर जय माता दी के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण मंदिरों में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा। शहर के प्रसिद्ध बावे वाली माता मंदिर और कोल कंडोली माता मंदिर में तड़के से ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो देर शाम तक जारी रहीं।
विज्ञापन

श्रद्धालु दूर-दराज के इलाकों से माता के दर्शन के लिए पहुंचे थे। महामाया मंदिर और महालक्ष्मी मंदिर में भी श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए हैं। सुरक्षा के लिए सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं को लाइन में सुचारु रूप से दर्शन कराने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। साफ-सफाई और पेयजल की भी उचित व्यवस्था है। सुबह से शाम तक मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं और मंदिर समितियों की और से लंगर लगाए जा रहे हैं। सुबह-शाम आरती के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ जाती है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि मां के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। नवरात्र का यह समय खास महत्व रखता है। मंदिरों के आसपास प्रसाद, फूल-मालाओं और धार्मिक सामग्री की दुकानों पर भी अच्छी खासी रौनक है।

तड़के से लगीं लंबी कतारें

माता बावे वाली के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए भक्त दूर-दूर से पहुंचे हैं। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और मंदिर कमेटी की ओर से कड़े इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर माता रानी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। कोल कंडोली माता मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा, जहां श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
-
मंदिर पहुंचने के लिए दूसरा रास्ता बनाने की जरूरत
बावे वाली माता पहुंची श्रद्धालु उर्वशी का कहना है कि वह नवरात्र में सपरिवार माता रानी के दर्शन के लिए आती हैं। मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था अच्छे से की जाती है। कभी किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। मंदिर प्रबंधन को चाहिए कि वह भीड़ को देखते हुए मंदिर पहुंचने का दूसरा रास्ता भी बनाए जिससे लोगों को परेशानी न हो।
विज्ञापन

-
प्रशासन मंदिर जाने का दे विकल्प
अतुल का कहना है कि नवरात्र के दिनों में मुख्य रास्ते को वन-वे कर दिया जाता है। यह ट्रैफिक व्यवस्था के लिए ठीक है लेकिन श्रद्धालुओं को घूमकर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है। इसमें साथ आए बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी होती है। प्रशासन को चाहिए कि बच्चों, बुजुर्गाें और बीमार लाेगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें