- बैठक, विचार-विमर्श और रणनीतिक चर्चाओं के बीच राष्ट्रीय समिति पर टिकी नजरें
संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। हिंदू संघ इन दिनों निर्णायक मोड़ पर खड़ा नजर आ रहा है। जम्मू-कश्मीर और पंजाब के अध्यक्ष पद को लेकर संगठन के भीतर हलचल तेज हो गई है। बैठक, विचार-विमर्श और रणनीतिक चर्चाओं का सिलसिला लगातार जारी है। पूरे संगठन में उत्सुकता का माहौल है। संगठन से जुड़े सूत्रों के अनुसार दौड़ में कई मजबूत, प्रभावशाली और सक्रिय नाम सामने आए हैं, जिस कारण मुकाबला रोचक और दिलचस्प हो गया है।
हर नाम को संगठनात्मक मजबूती, जनसमर्थन और भविष्य की भूमिका के आधार पर परखा जा रहा है। यही कारण है कि अंतिम निर्णय को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। हिंदू संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाल संत साहिल महाराज 25 जनवरी को सस्पेंस से पर्दा उठाएंगे। उसी दिन आधिकारिक रूप से साफ होगा कि जम्मू-कश्मीर और पंजाब में संगठन की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी। बड़े फैसले को लेकर संगठन की निगाहें अब राष्ट्रीय समिति पर टिकी हुई हैं। सूत्रों का कहना है कि अध्यक्ष पद के चयन में राष्ट्रीय समिति की सहमति के साथ-साथ साहिल महाराज का मार्गदर्शन निर्णायक भूमिका निभाएगा। कार्यकर्ताओं में जहां एक ओर उत्साह चरम पर है तो दूसरी ओर फैसले को लेकर बेचैनी भी दिखाई दे रही है।
संगठन को ऊर्जा, दिशा और मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता
हिंदू संघ का मानना है कि आने वाले समय में संगठन को नई ऊर्जा, नई दिशा और मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है, जो राष्ट्र, धर्म और समाज के हितों के लिए पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर सके। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए दोनों राज्यों के अध्यक्षों का चयन पूरी गंभीरता, सोच-विचार और रणनीति के तहत किया जा रहा है।