मिश्रीवाला। प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र एवं वृष राशि के चंद्रमा में मध्यरात्रि के समय हुआ था। इस वर्ष जन्माष्टमी चार सितंबर हो है। चार सितंबर की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पूजन का शुभ मुहूर्त रात 11:57 बजे से लेकर मध्य रात्रि 12:43 बजे तक रहेगा। पांच सितंबर सुबह 6:05 बजे के बाद व्रत का पारण किया जा सकता है। श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की मूर्ति या चित्र स्थापित करने की परंपरा है। पूजन में श्रीगणेश, माता देवकी, वासुदेव जी, बलराम जी, नंद बाबा, माता यशोदा एवं माता लक्ष्मी का स्मरण अवश्य करें। बाल गोपाल को झूला झुलाने एवं रासलीला का आयोजन करने की भी परंपरा है। संवाद