- शहर में जगह-जगह हुआ स्वागत, दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। ऑल जम्मू-कश्मीर वाल्मीकि सदर सभा ने रविवार को शहर के डोगरा मंदिर में भगवान वाल्मीकि का प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया। ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य रथयात्रा निकाली गई। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा मुख्य अतिथि रहे।
भगवान वाल्मीकि की प्रतिमा को रथ पर फूलों से सजाया गया। रथयात्रा से माहौल भक्तिमय हो गया। भगवान के दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ा। मंदिर के पुजारी ने बताया कि मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन भगवान वाल्मीकि का जन्म हुआ था। रथयात्रा की शुरुआत डोगरा हाल मंदिर से दोपहर दो बजे की गई। यह शहर के एक्सचेंज रोड, कच्ची छावनी, परेड, पुरानी मंडी, लिंक रोड, भारत माता चौक, कनक मंडी, शहीदी चौक, रेजीडेंसी रोड, विवेकानंद चौक, गुम्मट चौक, इंदिरा चौक, एमएलए हास्टल व बिग्रेडियर चौक से होते हुए पुन: डोगरा हाॅल मंदिर में पहुंचकर संपन्न हुई। जगह-जगह रथयात्रा का स्वागत किया गया। वाल्मिकी सभा के अध्यक्ष विजय नंद गिरि ने बताया कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान वाल्मीकि की जयंती धूमधाम से मनाई गई। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जी का जीवन सदैव समाज के कमजोर वर्गों के पक्ष में रहा है। उसी को ध्यान में रखते हुए यह रथयात्रा निकाली जाती है।
भगवान वाल्मीकि की शिक्षाएं मानवता के लिए मार्ग दर्शक : सत शर्मा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा और जम्मू पूर्व के विधायक युद्धवीर सेठी ने शोभायात्रा को डोगरा हॉल जम्मू से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ध्वजारोहण से पहले उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सत शर्मा ने भगवान वाल्मीकि की शिक्षाओं को मानवता के लिए मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा, भगवान वाल्मीकि ने पूरे विश्व को सत्य और धर्म का मार्ग दिखाया और यह सिद्ध किया कि आस्था और आत्म-साक्षात्कार जीवन को अंधकार से दिव्यता की ओर ले जा सकते हैं। भगवान वाल्मीकि का जीवन परिवर्तन, सत्य और धर्म के मूल्यों की शिक्षा देता है। संगठन महामंत्री अशोक कौल ने श्रद्धालुओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि भगवान वाल्मीकि का संदेश जाति और समुदाय से ऊपर है। युद्धवीर सेठी ने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज के नैतिक ताने-बाने को बनाए रखते हैं। अखिल जम्मू-कश्मीर वाल्मीकि सभा के अध्यक्ष विजय आनंद गिल ने आभार व्यक्त करते हुए भाजपा नेतृत्व और प्रशासन को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की यात्राओं के माध्यम से उनकी जयंती मनाने से लोगों के बीच एकता और आध्यात्मिकता का बंधन मजबूत होता है।