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साख विसर्जन के लिए तवी पर लगा मेला

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तवी नदी मे साख विजर्सन के लिए पहुंचे श्रद्धालु। - फोटो : SHRINAGAR
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जम्मू। अष्टमी और नवमी पर कंजक पूजन और साख विसर्जन के साथ नवरात्र का समापन हो गया। शनिवार को साख विसर्जन के लिए तवी नदी पर भक्तों का मेला लगा रहा। घरों में पूजा-अर्चना करने के बाद श्रद्धालु साख विसर्जन करने के लिए तवी किनारे हरि की पौड़ी और अन्य स्थलों पर पहुंचे। सिर पर साख उठाए नंगे पांव भक्त जयकारे लगाते हुए तवी के तट पर पहुंचे। इस दौरान मां दुर्गा के जयकारों से माहौल भक्तिमय बन गया। सामाजिक दूरी के साथ कोविड़-19 के निमयों पूरा ध्यान रखा गया। इसके लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था, ताकि हरि की पौड़ी पर ज्यादा भीड़ को रोका जा सके। कुछ लोगों ने कोरोना महामारी के कारण घरों में ही साख का विसर्जन किया।
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नदी को साफ रखने में जुटे रहे स्वयंसेवी
तवी किनारे स्वयंसेवक और विभिन्न एनजीओ के वर्कर भी तैनात रहे, जिन्होंने श्रद्धालुओं से साख के अलावा लाई गई अन्य सामग्री को बाहर ही ले लिया और उन्हें पानी में विसर्जित करने से रौका, ताकि नदी का पानी दूषित न हो। केवल मां की साख को ही नदी के किनारे विसर्जन के लिए ले जाने की अनुमति दी गई। एनजीओ के वर्करों ने लोगों को माता की चुनरी और अन्य पूजा सामग्री बहाने से रोका और इसे किनारे पर ही एकत्रित कर लिया।
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बेतरतीब लगा दिए वाहन, तवी पुल पर लगा जाम
साख विसर्जित करने आए कुछ लोगों ने तवी पुल पर ही बेतरतीब ढंग से गाड़ियां पार्क कर दीं, जिससे पुल पर जाम की स्थिति बन गई। इसकी वजह से सुबह के समय पुल से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सामूहिक तौर पर नहीं हुआ कन्या पूजन
बच्चियों को घरों में जाकर दिया राशन
अष्टमी और नवमी पर मंदिरों में माथा टेक भक्तों ने मां भगवती से कोरोना से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर भर में इस बार कोरोना महामारी के कारण नवरात्र की धूम फीकी रही। कन्या पूजन को लेकर भी लोगों ने दूरी ही बनाई। सामूहिक तौर पर कन्या पूजन के कार्यक्रम नहीं करवाए गए। व्रत रखने वाले भक्तों ने बच्चियों के घरों में जाकर उन्हें सूखा राशन दिया। कई लोगों ने मंदिरों में बैठे जरूरतमंदों को राशन सामग्री और अन्य सामान भेंट किया। लोगों का कहना है कि इस साल कोविड-19 की वजह से नवरात्र का रंग थोड़ा फीका रहा, उम्मीद है कि अगले साल माता रानी के नवरात्र और बड़ी धूमधाम के साथ मनाएंगे।
उधर, शनिवार को अष्टमी और नवमी पर मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। शहर के बावे वाली मां के मंदिर, महामाया मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर आदि में सुबह से ही श्रद्धालु मां भगवती के दर्शन के लिए पहुंचने शुरू हो गए थे। प्रशासन ने कोविड नियमों का पालन करवाने के लिए पुलिस बल तैनात किया था। श्रद्धालुओं ने महामाई से कोरोना महामारी से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की।
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