यह है श्राद्ध की तिथियां
पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध 1 सितंबर मंगलवार, सुबह 09.39 के बाद।
प्रतिपदा (पहला) श्राद्ध 2 सितंबर बुधवार, सुबह 10:52 के बाद।
द्वितीया (दूसरा) श्राद्ध 3 सितंबर, दोपहर 12:27 बजे के बाद करना उत्तम होगा, अगर किसी कारण 3 सितंबर द्वितीया (दूसरा) श्राद्ध नहीं कर पाये तो 4 सितंबर शुक्रवार, 01:42 बजे से 02:24 बजे के मध्य काल में द्वितीया (दूसरा) श्राद्ध कर सकते हैं।
तृतीया (तीसरा) श्राद्ध 5 सितंबर शनिवार
चतुर्थी (चौथा) श्राद्ध 6 सितंबर रविवार
पंचमी (पांचवा) श्राद्ध 7 सितंबर सोमवार
षष्ठी (छठा) श्राद्ध 8 सितंबर मंगलवार
सप्तमी (सांतवा) श्राद्ध 9 सितंबर बुधवार
अष्टमी (आंठवा) श्राद्ध 10 सितंबर, गुरुवार
नवमी (नवां) श्राद्ध 11 सितंबर, शुक्रवार
दशमी (दसवां) श्राद्ध 12 सितंबर, शनिवार
एकादशी (ग्यारहवां) श्राद्ध 13 सितंबर, रविवार
द्वादशी (बारहवां) श्राद्ध 14 सितंबर, सोमवार
त्रयोदशी (तेरहवां) श्राद्ध 15 सितंबर, मंगलवार
चतुर्दशी (चौदहवां) श्राद्ध 16 सितंबर, बुधवार
अमावस्या तिथि का श्राद्ध 17 सितंबर गुरुवार, सर्वपितृश्राद्ध एवं पितृ विसर्जन एवं श्राद्ध समाप्त
कल होगा गणेशा विर्सजन
गणेश विर्सजन अनंत चतुर्दशी के दिन 1 सितंबर मंगलवार के दिन किया जाएगा। दस दिन तक चले गणेश उत्सव में भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान भगवान गणेश को भोग लगाया जाता और फिर उत्सव के 11वें दिन विधि विधान से पूजा करके गणेश भगवान को विसर्जित किया जाता है।